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Aaj 29 October 2024 ka Panchang: आज धनतेरस, धन्वंतरि जयंती एवं प्रदोष व्रत! जानें आज का शुभ-अशुभ काल, सूर्य-चंद्र की स्थिति! राहुकाल में न करें शुभ-कार्य!

वैदिक पंचांग मूलतः पांच अंगों के मेल पर आधारित होता है, जिसमें तिथि, वार, करण, योग और नक्षत्र का जिक्र होता है. हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं.

Aaj 29 October 2024 ka Panchang: आज धनतेरस, धन्वंतरि जयंती एवं प्रदोष व्रत! जानें आज का शुभ-अशुभ काल, सूर्य-चंद्र की स्थिति! राहुकाल में न करें शुभ-कार्य!
Credit -( (Img: File Photo)

Aaj 29 October 2024 ka Panchang: वैदिक पंचांग मूलतः पांच अंगों के मेल पर आधारित होता है, जिसमें तिथिवारकरण, योग और नक्षत्र का जिक्र होता है. हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं. इसी आधार पर हम अपने कार्य को विश्वसनीयता के साथ आसान बनाते हैँ.

पंचांग में तिथिपक्षमाहनक्षत्र भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि हर शुभ कार्य के लिए अलग-अलग नक्षत्र होता है. सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती. चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है, उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है. चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं. अब आइये देखते हैं आज 29 अक्टूबर 2024, दिन मंगलवाल का पंचांग क्या कहता है. ये भी पढ़े:28 October 2024 Ka Panchang: आज गोवत्स द्वाद्वशी है! जानें आज का शुभ-अशुभ काल, सूर्य-चंद्र की स्थिति एवं आज के खास उपाय!

आज (29 अक्टूबर 2024, वार, मंगलवार) हिन्दू मास एवं वर्ष शक सम्वतः 1946 क्रोधी संवत्सर विक्रम संवत- 2081. आज की तिथि कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की द्वादशी 10.31 AM तक उसके बाद त्रयोदशी. सूर्यः सूर्य तुला राशि पर और चन्द्रमाः सिंह राशि पर संचार करेगा. योगः इन्द्र योग 07.47 AM तकउसके बाद वैधृति योगकरण-तैतिल 10.32 AM तकबाद गर 11.54 PM तकबाद वणिज है. आज का नक्षत्र उत्तराफाल्गुनीः 06.34 PM तक उसके बाद हस्त नक्षत्र. आज का करण-गर और वणिज आज का पक्ष-कृष्ण पक्ष आज का योग-वैधृति. आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है. देखिए आज विस्तृत का पंचांग.

सूर्योदयः 06.34 AM

सूर्यास्तः 05.46 PM

चन्द्रोदयः 03.42 AM (29 अक्टूबर)

चन्द्रास्तः 04.03 PM 29 अक्टूबर 2024

सूर्यः तुला राशि में प्रवेश

चन्द्रमाः सिंह राशि पर संचार करेगा

आज व्रतः रमा एकादशी का पारणधनतेरसयम दीपम एवं प्रदोष व्रत 

अग्निवास पृथ्वी 

दिशा शूल उत्तर

शिववास नन्दी पर

आज का शुभ मुहूर्त

प्रदोष कालः 06.01 PM से 07.11 PM

अभिजीत मुहूर्तः 11.48 AM से 12.33 PM

अमृत कालः 10.24 AM से 12.12 PM

ब्रह्म मुहूर्तः 04.58 AM से 05.46 AM

विजय मुहूर्तः 02.10 AM से 03.03 AM

गोधूलि मुहूर्तः 12.01 PM से 01.37 PM तक

निशिता कालः 11.29 PM से 12.16 AM (30 अक्टूबर 2024)

देखिये आज 29 अक्टूबर 2024 का पंचांग का

              तिथि कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वादशी 10.31 AM
               पक्ष               कृष्ण
               वार               मंगलवार
               नक्षत्र उत्तराफाल्गुनीः 06.34 PM तक उसके बाद हस्त नक्षत्र
               योग इन्द्र योग 07.47 AM, उसके बाद वैधृति योग
             राहुकाल   02.58 PM से 04.22 PM तक
               सूर्योदय-सूर्यास्त     06.34 AM से  05.46 PM
              चंद्रोदय-चंद्रास्त 03.42 AM- 04.03 PM 29 अक्टूबर 2024
             दिशा शूल उत्तर
            चंद्रमा राशि सिंह राशि पर संचार करेगा
              सूर्य राशि सूर्य तुला राशि में

                            शुभ मुहूर्त29 अक्टूबर 2024

       ब्रह्म मुहूर्त  04.58 AM से 05.46 AM
               अभिजीत मुहूर्त     11.48 AM से 12.33 PM
          गोधुलि बेला 12.01 PM से 01.37 PM तक
                 निशिता काल  11.29 PM से 12.16 AM (30 अक्टूबर 2024)
           अमृत काल 10.24 AM से 12.12 PM
           विजय मुहूर्त 02.10 AM से 03.03 AM

 

आज 29 अक्टूबर का अशुभ काल

राहु कालः 02.58 PM से 04.22 PM तक

कालवेला/अर्द्धयामसे 08.19:10 से 09.04:09 तक

दुष्टमुहूर्तः 08.19 से 09.04 तक

यमगण्डः 08.52 से 10.17 तक

भद्रा-नहीं है

गुलिकः 11.41 से 13.05 तक

आज का शुभ योग

सर्वार्थ सिद्धी योगः 06.35 AM से 09.43 PM

रवि पुष्य योगः नहीं है

अमृतसिद्धि योगः नहीं है

त्रिपुष्कर योगः 06.04 AM से 10.31 AM

द्विपुष्कर योगः नहीं है.

आज का पर्व एवं उपाय

29 अक्टूबर 2024 को धनतेरस और प्रदोष व्रत है. इस दिन भगवान धन्वन्तरि की पूजा-अर्चना होती है. इस दिन शुभ वस्तुओं अथवा स्वर्णाभूषणों को खरीदने की भी पुरानी परंपरा है. मान्यता है कि इस दिन नई वस्तुएं खरीदने से घर में लक्ष्मी का वास बना रहता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार इसी दिन समुद्र मंथन से ब्रह्माण्ड के पहले चिकित्सक धन्वंतरी का प्राक्ट्य हुआ था. आज के दिन भगवान धन्वंतरी की पूजा-अर्चना करने से सेहत अच्छी बनी रहती है

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 29, 2024 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).