Rice Flour Face Pack: चावल के आटे से पाएं दमकती त्वचा, आयुर्वेद और विज्ञान भी मानते हैं इसके फायदे

नई दिल्ली, 4 सितंबर : त्वचा की देखभाल के लिए कुछ लोग बाजार में मिलने वाले महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स (Skin Care Products) का सहारा लेते हैं, तो कुछ आज भी घरेलू नुस्खों को ही बेहतर मानते हैं. हमारी दादी-नानी के जमाने से लेकर आज तक, रसोई में मौजूद कई चीजें सौंदर्य बढ़ाने में काम आती रही हैं. इन्हीं में से एक है 'चावल का आटा'. आयुर्वेद में चावल को त्वचा के पोषण के लिए प्रभावशाली माना गया है. वहीं, आधुनिक विज्ञान भी इस बात की पुष्टि करता है.

अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, चावल में मौजूद तत्व जैसे एलांटोइन, फेरुलिक एसिड, विटामिन बी, और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा के लिए कई तरह से फायदेमंद होते हैं. चावल के आटे से बने फेस पैक, स्क्रब और क्लींजर स्किन को एक्सफोलिएट करते हैं, यानी मृत त्वचा की परत को हटाकर नए सेल्स को सांस लेने का मौका देते हैं. यह प्रक्रिया त्वचा को निखारती है और प्राकृतिक चमक लौटाती है. चावल के आटे में मौजूद स्टार्च त्वचा को ठंडक देने का काम करता है, जिससे लालपन, जलन या सूजन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. यह भी पढ़ें : Folic Acid: फोलिक एसिड सिर्फ प्रेगनेंसी के लिए नहीं, हर उम्र के लिए जरूरी विटामिन

वहीं, चावल के आटे में पाए जाने वाले मिनरल्स और विटामिन्स त्वचा की मरम्मत करने का काम करते हैं. हालांकि, हर अच्छी चीज के साथ कुछ सावधानियां भी जरूरी होती हैं. चावल का आटा भले ही एक नेचुरल इंग्रेडिएंट हो, लेकिन अगर इसे गलत तरीके से या अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जाए, तो यह फायदे की बजाय नुकसान भी पहुंचा सकता है. अगर आपकी त्वचा ड्राई है और आप बार-बार चावल का आटा लगाते हैं, तो इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो सकती है. इसका कारण यह है कि चावल का आटा एक नैचुरल एक्सफोलिएटर होने के कारण स्किन की ऊपरी परत को हटा देता है, जिससे त्वचा रूखी होती है और खिंचाव महसूस हो सकता है.

कुछ लोगों की त्वचा सेंसेटिव होती है और उन पर चावल के आटे का सीधा इस्तेमाल जलन, खुजली या रैश की वजह बन सकता है. ऐसे मामलों में पहले पैच टेस्ट करना जरूरी होता है, ताकि किसी भी एलर्जिक रिएक्शन से बचा जा सके. इसके अलावा, अगर चावल के आटे का प्रयोग करने के बाद चेहरे को अच्छी तरह साफ नहीं किया गया, तो यह स्किन के पोर्स को बंद कर सकता है. इससे एक्ने, ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स जैसी परेशानियां शुरू हो सकती हैं.