14 November 2024 Ka Panchang: आज बैकुंठ चतुर्दशी! जानें आज के पंचांग में शुभ-अशुभ काल, राहुकाल एवं सूर्य चंद्र तथा ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति!
14 November 2024 Ka Panchang: हिंदू धर्म को माननेवाले किसी भी शुभ-मंगल कार्य के लिए शुभ दिन एवं शुभ मूहूर्त देखकर कार्य प्रारंभ करते हैं, ताकि शुरू हुआ कार्य सफलता के साथ संपूर्ण हो. हिन्दू पंचांग इस सौहार्द को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके उपयोग से व्यक्ति को शुभ तिथि, शुभ योग और अशुभ काल में ज्योतिषीय अंतर्दृष्टि प्राप्त होती है. ताकि हम बिना समय गंवाएं अपने समय और कार्य का अधिकतम लाभ उठा सकें. आज हम 14 नवंबर 2024, गुरुवार के पंचांग से जानेंगे कि हमें अपने पूरे दिन के कार्यक्रम को कैसे अंजाम देना है.
कार्तिक शुक्ल पक्ष त्रयोदशी, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), कार्तिक. त्रयोदशी तिथि 09.43 AM तक उपरांत चतुर्दशी तिथि 06.19 AM तक, इसके बाद पूर्णिमा. आज का नक्षत्र अश्विनी 12.33 AM तक उपरांत भरणी. सिद्धि योग 11.29 AM तक, उसके बाद व्यातीपात योग. करण तैतिल 09.43 AM तक, बाद गर 08.01 PM तक, बाद वणिज 06.19 AM तक, बाद विष्टि.14 नवम्बर 2024, गुरुवार को राहु 01.33 PM से 02.54 PM तक है. चन्द्रमा मेष राशि पर और सूर्य तुला राशि पर संचार करेगा. यह भी पढ़े: Panchang 08 November 2024: आज सूर्योदय के साथ अर्घ्य देकर सम्पन्न होगा छठ पर्व? जानें आज का शुभ-अशुभ काल, सूर्य, चंद्रमा, ग्रह एवं नक्षत्रों की स्थिति!
आज सूर्योदय 06.43 और सूर्यास्त 17.28 बजे होगा.
व्रत एवं त्योहारः विश्वेश्वर व्रत
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदयः 06.44 AM
सूर्यास्तः 05.38 PM
चन्द्रोदयः 04.23 PM (14 नवंबर)
चन्द्रास्तः 05.49 AM (15 नवंबर)
सूर्य तुला राशि पर बिराजेंगे
चन्द्रमा मेष राशि पर संचार करेंगे.
आज 14 नवंबर 2024, गुरूवार का पंचांग
तिथि
त्रयोदशी तिथि 09.43 AM तक उपरांत चतुर्दशी
पक्ष
शुक्ल
वार
गुरूवार
नक्षत्र
नक्षत्र अश्विनी 12.33 AM तक उपरांत भरणी
योग
सिद्धि योग 11.29 AM तक, उसके बाद व्यातीपात योग.
राहुकाल
01.33 PM – 02.54 PM
सूर्योदय-सूर्यास्त
06.44 AM AM से 05.38 PM
चंद्रोदय-चंद्रास्त
04.23 PM - 05.49 AM
दिशा शूल
दक्षिण दिशा
चंद्रमा राशि
चन्द्रमा मेष राशि पर संचार करेंगे.
सूर्य राशि
सूर्यः तुला राशि में
शुभ मुहूर्त, 14 नवंबर 2024
ब्रह्म मुहूर्त
04.57 AM से 05.50 AM
अभिजीत मुहूर्त
11.44 AM से 12.27 PM
गोधुलि बेला
05.28 PM से 05.54 PM
निशिता काल
11.39 PM से 12.32 AM, (15 नवम्बर)
अमृत काल
06.08 PM से 07.34 PM
विजय मुहूर्त
01.53 PM से 02.36 PM
अशुभ काल
राहूः 01.33 PM – 02.54 PM
यम गण्डः 06.44 AM – 08.06 AM
कुलिकः 09.27 AM – 10.49 AM
दुर्मुहूर्तः 10.22 AM – 11.05 AM, 02.43 PM – 03.27 PM
वर्ज्यम् – 08.59 PM – 10.24 PM
शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्तः 04.57 AM से 05.50 AM
प्रातः सन्ध्याः 05.24 AM से 06.43 AM
अभिजीत मुहूर्तः .44 AM से 12.27 PM
विजय मुहूर्त: 01.53 PM से 02.36 PM
गोधूलि मुहूर्तः 05.28 PM से 05.54 PM
सायाह्न सन्ध्याः 05.28 PM से 06.47 PM
अमृत कालः 06.08 PM से 07.34 PM
निशिता मुहूर्तः 11.39 PM से 12.32 AM, (15 नवम्बर)
सर्वार्थ सिद्धि योगः 06.43 AM से 12.33 AM
भगवान विष्णु को बेलपत्र चढ़ाने की मान्यता
बैकुंठ चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु को बेलपत्र चढ़ाने पर वर्तमान में चल रहे संकट दूर होते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बैकुंठ चतुर्दशी पर भगवान विष्णु को यदि 1000 कमल पुष्प अर्पित किये जाएं तो जीवन के सारे बंधनों एवं कर्जों आदि से मुक्ति मिलती है. इस दिन शाम के समय गंगा जी को 11, 21, 31, 51 या 101 दीपक जलाने का भी विधान है. ऐसा करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 14, 2024 04:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

