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Ramadan 2026 Date in India: भारत में रमजान का पाक और इबादत वाला महीना कब से होगा शुरू? जानें चांद दिखने की संभावित डेट

भारत में साल 2026 के पवित्र रमजान महीने की शुरुआत 19 या 20 फरवरी से होने की संभावना है. चंद्रमा के दर्शन के आधार पर तय होने वाली इस तारीख को लेकर मुस्लिम समुदाय में तैयारियां जोरों पर हैं.

Ramadan 2026 Date in India: भारत में रमजान का पाक और इबादत वाला महीना कब से होगा शुरू? जानें चांद दिखने की संभावित डेट
Ramadan 2026 Date in India (Photo Credits: Pexels)

Ramadan 2026 Date in India:  भारत सहित दुनिया भर के लाखों मुसलमान हिजरी संवत 1447 के पवित्र रमजान महीने के स्वागत की तैयारी कर रहे हैं. खगोलीय गणनाओं और चंद्रमा की स्थिति के आधार पर, भारत में रमजान (Ramadan 2026) की शुरुआत 19 फरवरी या 20 फरवरी 2026 को होने की संभावना है. इस साल का रमजान सर्दियों के मौसम में पड़ रहा है, जिससे रोजेदारों को पिछले दशकों की भीषण गर्मी के मुकाबले कम घंटों का रोजा रखना होगा और मौसम भी काफी सुहावना रहेगा.

चांद दिखने पर निर्भर करेगी सटीक तारीख

इस्लामी चंद्र कैलेंडर में महीने की शुरुआत 'हिलाल' यानी नए चांद के भौतिक दर्शन से होती है. भारत में शाबान (Shaban) का महीना 21 जनवरी से शुरू हुआ था, जिसके अनुसार 29वीं शाबान 18 फरवरी को पड़ेगी. यह भी पढ़े: Ramadan 2026 Date? साल 2026 में रमजान कब शुरू होगा? जानें किस आधारों पर तय होती है रमजान की तिथियां!

  • यदि 18 फरवरी को चांद दिखता है: तो पहला रोजा गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को होगा.

  • यदि चांद नजर नहीं आता: तो शाबान का महीना 30 दिन का पूरा होगा और रमजान शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 से शुरू होगा.

दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसी प्रमुख शहरों की हिलाल समितियां 18 फरवरी की शाम को चांद देखने के लिए बैठकें करेंगी.

"विंटर रमजान": रोजेदारों के लिए राहत भरा मौसम

2026 का रमजान 'विंटर रमजान' की श्रेणी में आता है. अमीरात एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के अनुसार, इस साल उपवास की अवधि लगभग 12 घंटे 45 मिनट से शुरू होगी और महीने के अंत तक धीरे-धीरे बढ़ेगी. गर्मी के दिनों में यही अवधि अक्सर 14 से 15 घंटे तक पहुंच जाती है, इसलिए इस बार रोजेदारों को शारीरिक रूप से कुछ राहत मिल सकती है.

रमजान का महत्व

रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां और सबसे पवित्र महीना माना जाता है. यह वही महीना है जिसमें पैगंबर मोहम्मद (स.) पर पवित्र कुरान का अवतरण शुरू हुआ था. मुस्लिम समुदाय के लिए यह समय केवल भूखे-प्यासे रहने का नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन, धैर्य, और ईश्वर के प्रति अपनी आस्था को मजबूत करने का है.

रोजे को लेकर इस्लाम के 5 स्तंभ

रोजा (Sawm) इस्लाम के पांच अनिवार्य स्तंभों में से एक है.

  • अनुशासन: यह आत्मा को सांसारिक विकर्षणों से मुक्त कर आध्यात्मिक विकास की ओर ले जाता है.

  • सहानुभूति: भूख और प्यास का अनुभव करने से व्यक्ति को समाज के कम भाग्यशाली और गरीब लोगों की कठिनाइयों का एहसास होता है.

  • दान (Zakat): इस महीने में दान-पुण्य और उदारता पर विशेष जोर दिया जाता है ताकि समुदाय का हर व्यक्ति खुशियों में शामिल हो सके.

    सऊदी अरब में रमजान कब से

सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में अक्सर भारत से एक दिन पहले चांद दिख जाता है, इसलिए वहां रमजान की शुरुआत 18 या 19 फरवरी से हो सकती है. भारत में इसकी आधिकारिक घोषणा 18 फरवरी की शाम को की जाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 05, 2026 01:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).