हर साल 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में साक्षरता के महत्व को प्रचार-प्रसार करना है और शिक्षा के महत्व को उजागर करना है. साल 1966 में यूनेस्को (UNESCO) इस दिवस को सेलिब्रेट करने की घोषणा किया था, ताकि लोगों को यह याद दिलाया जा सके कि पढ़ना-लिखना हर व्यक्ति का मूल भूत अधिकार है, वैसे भी एक शिक्षित सभ्य समाज के लिए यह अत्यंत आवश्यक है. इस दिवस को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए यहां कुछ प्रेरक कोट्स दिये जा रहे हैं, ताकि शैक्षिक और सभ्य समाज के निर्माण में आप भी भागीदार बनें.
हम विश्व साक्षरता दिवस क्यों मनाते हैं?
यूनेस्को के अनुसार साल 1967 से अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस (आई एल डी) समारोह जनता को सम्मान और मानव अधिकारों के लिए साक्षरता के महत्व की याद दिलाता है. यदि आप भी सोच रहे हैं कि विश्व साक्षरता दिवस क्यों मनाया जाता है, तो आपको यह समझना चाहिए कि साक्षरता दिवस का वैश्विक उत्सव साक्षरता एजेंडे को आगे बढ़ाने में भी मदद करता है, ताकि अधिक से अधिक साक्षर और टिकाऊ समाज की ओर प्रगति हो. यह भी पढ़ें : Jiutiya Vrat 2025: जिउतिया केवल व्रत नहीं कठोर तप, त्याग और मातृत्व की मिसाल है! जानें इसका महत्व, मुहूर्त, पूजा-विधि एवं व्रत-कथा!
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर कुछ प्रेरणादायक कोट्स:
* ’शिक्षा केवल एक अधिकार है, बल्कि यह एक समाज की संरचना और समृद्धि की मूल नींव भी है’
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद
* ’शिक्षा आपको वो शक्ति प्रदान करती है जिससे आप खुद को बेहतर बना सकते हैं और समाज को भी.’ - डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम
* ‘साक्षरता सिर्फ पढ़ने और लिखने की क्षमता नहीं है, बल्कि यह सोचने, समझने और बदलाव लाने की शक्ति है.’
* ‘एक बच्चा, एक शिक्षक, एक किताब और एक पेन दुनिया को बदल सकते हैं.’ – मलाला युसुफ़ज़ई
* ‘शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिससे आप दुनिया को बदल सकते हैं.’ – नेल्सन मंडेला
* ‘ज्ञान ही सच्ची स्वतंत्रता है.’ – प्लेटो
* ‘साक्षरता वह दीपक है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है.’
* ‘हर व्यक्ति को पढ़ने का अधिकार है, क्योंकि शिक्षा ही जीवन की पहली सीढ़ी है.’
* ’जो व्यक्ति नहीं पढ़ता, उसका उस व्यक्ति पर कोई लाभ नहीं है जो पढ़ नहीं सकता.’ - मार्क ट्वेन
* ‘किताबों में खजाना, ट्रेजर आइलैंड पर समुद्री डाकुओं द्वारा लूटे गए धन से भी अधिक है.’ - वॉल्ट डिज़्नी
* ’साक्षरता ज्ञान अर्थव्यवस्था की सबसे बुनियादी मुद्रा है.’ – बराक ओबामा
* ’साक्षरता दुख से आशा तक का सेतु है.’ -कोफी अन्नान
* ’आप एक पुरुष को शिक्षित करते हैं; आप एक पुरुष को शिक्षित करते हैं. आप एक महिला को शिक्षित करते हैं; आप एक पीढ़ी को शिक्षित करते हैं.’ -ब्रिघम यंग
* ’हृदय को शिक्षित किए बिना मस्तिष्क को शिक्षित करना कोई शिक्षा नहीं है। -अरस्तू













QuickLY