Moebius Syndrome Awareness Day 2020: क्या है मोबियस सिंड्रोम, जानें दुर्लभ न्यूरोलॉकिल स्थिति के प्रति जागरूकता के इस दिवस का महत्व और इतिहास
मोबियस सिंड्रोम जागरूकता दिवस 2020 (Photo Credits: Wiki Commons And File Image)

Moebius Syndrome Awareness Day 2020: मोबियस सिंड्रोम जागरूकता दिवस (Moebius Syndrome Awareness Day) हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है. इसी दिन प्रोफेसर पॉल जूलियस मोबियस (Professor Paul Julius Moebius) का जन्म हुआ था. प्रोफेसर पॉल जूलियस मोबियस ही वो डॉक्टर हैं, जिन्होंने पहली बार साल 1888 में इस बीमारी का निदान किया था और कुछ सालों बाद से उनके जन्म दिवस पर मोबियस सिंड्रोम जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा. इस दिन मोबियस सिंड्रोम (Moebius Syndrome) के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ इस दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति से पीड़ित लोगों की मदद के लिए धनराशि भी जुटाई जाती है. इस दिन मेले का आयोजन कर या फिर कई अन्य कार्यक्रमों के जरिए पीड़ितों के लिए धनराशि इकट्ठा की जाती है. चलिए जानते हैं क्या है मोबियस सिंड्रोम और इस दिवस का महत्व.

क्या है मोबियस सिंड्रोम?

मोबियस सिंड्रोम एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जो चेहरे की मांसपेशियों को प्रभावित करती है. यह बीमारी पीड़ित के चेहरे की अभिव्यक्ति और आंखों की गति को नियंत्रित करती है. यह दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति पीड़ित में जन्म से हो सकती है. इस बीमारी के संकेत बेहद स्पष्ट और लक्षण उस समय काफी स्पष्ट होते हैं. चेहरे की मांसपेशियों की कमजोरी या पैरालिसिस मोबियस सिंड्रोम के सबसे आम लक्षण हैं. इससे पीड़ितों में फेशियल एक्सप्रेशन की कमी होती है. उन्हें मुस्कुराने, अपनी भौहों को उठाने में भी काफी दिक्कत होती है. चेहरे की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण बच्चों को दूध पिलाने या खिलाने में भी काफी परेशानियां आती हैं.

इस दिवस का इतिहास और महत्व

प्रोफेसर पॉल जूलियस मोबियस द्वारा साल 1888 में इस बीमारी का निदान किए जाने के कुछ सालों बाद उनके जन्मदिन यानी 24 जनवरी को यह दिवस मनाया जाने लगा. दरअसल, मोबियस सिंड्रोम का कोई इलाज नहीं है, लेकिन इस दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति से पीड़ित व्यक्ति को उचित देखभाल और सहायता प्रदान करने पर वो सामान्य जीवन जी सकते हैं. इस बीमारी से पीड़ित लोगों की मदद करने के लिए धनराशि इकट्ठा करना और जागरूकता फैलाना इस दिवस का उद्देश्य है. बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें इस दुर्लभ विकार और उसके उपचार के बारे में कोई जानकारी नहीं है, इसलिए इस दिवस के माध्यम से लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया जाता है.

आमतौर पर मोबियस सिंड्रोम वाले शिशुओं को पोषण प्राप्त करने के लिए फीडिंग ट्यूब या विशेष बोतल की जरूरत होती है. कुछ बच्चों को आंखों और अन्य विकृति को ठीक करने के लिए विशेष सर्जरी की भी आवश्यकता होती है.