World Civil Defence Day: क्यों है खास विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व एवं ऐसे करें सेलिब्रेशन?
World Civil Defence Day 2023 (Photo: File Image)

नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक वर्ष 01 मार्च को विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस मनाया जाता है. नागरिक सुरक्षा आपात स्थिति और विभिन्न आपदाओं के दौरान नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकारी और गैर सरकारी संगठनों के प्रयासों और उपायों को संदर्भित करती है. इन प्रयासों में आपातकालीन योजना, आपदा राहत और सार्वजनिक शिक्षा अभियान जैसी तमाम गतिविधियां शामिल होती हैं. इस अवसर पर आत्म-सुरक्षा उपायों के लिए जनता का ध्यान आकर्षित कराना इस दिवस विशेष का मुख्य उद्देश्य होता है. आइये जानें विश्व नागरिक सुरक्षा की खासियत, इतिहास और इस दिशा में किये जाने वाले प्रयासों के संदर्भ में आवश्यक बातें... यह भी पढ़ें: नेशनल साइंस डे: जानें कौन थे डॉ सीवी रमण जिनकी याद में मनाया जाता है विज्ञान दिवस

क्यों जरूरी है विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस?

विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस दुनिया भर के आपातकालीन प्रबंधन, पेशेवरों और नागरिक सुरक्षा संगठनों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण दिवस है. विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस का महत्व आपातकालीन तैयारियों और नागरिक सुरक्षा संगठनों द्वारा समुदायों की रक्षा करने और आपात स्थिति के प्रभाव को कम करने में निभाई जाने वाली भूमिका की अहमियत को दर्शाती है.

कुछ प्रमुख कारक

जागरूकता बढ़ाना: विभिन्न घटनाओं, अभियानों और गतिविधियों के माध्यम से, यह दिन व्यक्तियों, संगठनों और समुदायों को मौजूद जोखिमों और खतरों के बारे में शिक्षित करने में मदद करता है, ताकि आपात स्थिति में इससे निपटने के लिए सजग और सतर्क रहें.

सहयोग को बढ़ावा देना: यह दिवस विशेष सरकारी, गैर सरकारी संगठनों एवं नागरिक सुरक्षा संगठनों, आपातकालीन उत्तरदाताओं और समुदायों सहित आपातकालीन प्रबंधन में शामिल विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग के रिश्ते को मजबूत बनाती है. यह सहयोग आवश्यक है, क्योंकि इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि आपात स्थितियां होने पर संसाधनों को कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से इस्तेमाल में लाया जा सके.

हाइलाइटिंग चुनौतियां: विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस उन चुनौतियों पर भी प्रकाश डालता है, जिनका सामना नागरिक सुरक्षा संगठनों को सीमित संसाधनों, अपर्याप्त बुनियादी ढाँचे, जन जागरूकता और समझ की कमी सहित आपात स्थितियों का जवाब देने के लिए करना पड़ता है. इन चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करके, सरकारों, संगठनों और व्यक्तियों को इनसे निपटने के लिए कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद करता है.

विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस का इतिहास

अंतर्राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा संगठन (I.C.D.O.) सर्जन जनरल जॉर्ज सेंट पॉल द्वारा साल 1931 में जेनेवा ज़ोन एसोसिएशन के साथ शुरू किया था. दरअसल पॉल एक सुरक्षित जोन बनाना चाहते थे, जहां आम नागरिक युद्ध अथवा अन्य आपदाओं के दौरान सुरक्षित रह सकें, क्योंकि पॉल ने देखा था कि दो शक्तियों के बीच हुए युद्ध किस तरह से आम नागरिकों को प्रभावित करता है. अंततः अंतर्राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा संगठन (ICDO) ने 1990 में विश्व नागरिक सुरक्षा संगठन की स्थापना की. गौरतलब है कि 1 मार्च 1972 में अंतर्राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा संगठन का भी गठन हुआ था, इसलिए विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस के लिए भी 1 मार्च की तिथि चुनी गई थी.

ऐसे मनाएं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा दिवस

स्वयं सीखें प्राथमिक चिकित्साः अगर आपका जीवन किसी भी प्रकार की आपदा के कारण खतरे में फंस जाये तो आप किसी का इंतजार करने के बजाय सीपीआर अथवा प्राथमिक उपचार की पूर्व शिक्षा लेकर अमुक संकट से स्वयं बाहर निकलने की सोचें, तथा अपने साथ अपने साथियों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करें.

सैल्यूट करेंः विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस पर, उन्हें सैल्यूट करें, जिन्होंने विकराल आपदाओं से बहादुरी से लड़कर अपना समय, ऊर्जा और अपना जीवन (कुछ घटनाओं में) न्योछावर कर दिया है. आप जिस स्थान पर भी हों, वहां दो मिनट मौन रहकर किसी भी आपदा में सेवा करते हुए बलिदान कर दिया हो.

स्वयंसेवक बनेंः स्थानीय या राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा संघ की किसी शाखा से जुड़कर स्वयंसेवक का कार्य करें. दुनिया भर में करीब हर देश और राज्य में नागरिक सुरक्षा संगठन की शाखाएं हैं. आपात स्थिति या आपदाओं के मामले में स्वयं को, अपने परिजनों अथवा मित्रों को देशहित के लिए स्वयंसेवक