Vat Savitri Vrat 2022 Message in Hindi: ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima) तिथि को अखंड सौभाग्य की कामना से महिलाएं वट पूर्णिमा का व्रत (Vat Purnima Vrat) करती हैं, जिसे वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat) के नाम से भी जाना जाता है. यह एक ऐसा पर्व है, जिसे पूरे देश में विवाहित महिलाएं बहुत जोश और उत्साह के साथ मनाती हैं. वट पूर्णिमा व्रत उत्तर भारत में काफी लोकप्रिय है, लेकिन इसे महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गोवा में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस दिन महिलाएं व्रत रखकर सोलह श्रृंगार करती हैं और फिर बरगद यानी वट वृक्ष की पूजा करके उसके चारों ओर एक धागा बांधती हैं. इस साल 14 जून 2022 को वट पूर्णिमा यानी पूर्णिमा वट सावित्री व्रत रखा जा रहा है.
वट पूर्णिमा के दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके बरगद के वृक्ष के नीचे सत्यवान, सावित्री और यमराज की पूजा करती हैं. पेड़ की जड़ों में जल चढ़ाकर, फूल, मिठाई और धूप-दीप से पूजा की जाती है. इसके बाद वृक्ष के चारों ओर परिक्रमा करते हुए धागा बांधा जाता है. इसके साथ ही एक-दूसरे को बधाई भी दी जाती है. आप भी इस अवसर पर इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, ग्रीटिंग्स, कोट्स, जीआईएफ इमेजेस के जरिए शुभकामनाएं दे सकते हैं.
1- न जाने क्यों रह-रह के,
एक बात हमें बहुत सताती है,
वट सावित्री करती है पत्नी,
उम्र पति की क्यों बढ़ जाती है.
वट सावित्री का हार्दिक बधाई

2- सौभाग्य, आरोग्य एवं दीर्घायु का,
वरदान देने वाले पावन पर्व,
वट सावित्री व्रत की,
समस्त माताओं बहनो को शुभकामनाएं.
वट सावित्री का हार्दिक बधाई

3- मेहंदी का लाल रंग आप के प्यार की गहराई दिखाता है,
माथे पर लगा हुआ सिन्दूर आपकी दुआएं दिखाता है,
गले में पहना हुआ मंगलसूत्र,
हमारा मजबूत रिश्ता दिखता है...
वट सावित्री का हार्दिक बधाई

4- वट सावित्री का ये व्रत,
लाए खुशियां हजार,
यही है दुआ हमारी,
आप हर बार मनाएं ये त्योहार,
सलामत रहें आप और आपका परिवार.
वट सावित्री का हार्दिक बधाई

5- आपके पति की उम्र हो लंबी,
खुशहाल रहे आपकी शादीशुदा जिंदगी,
बना रहे आप दोनों का रिश्ता,
हमारी तरफ से आपके परिवार को,
वट सावित्री का हार्दिक बधाई

वट पूर्णिमा का व्रत सावित्री को समर्पित है जो यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राणों को वापस ले आती थीं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावित्री ने अपने पति सत्यवान को मृत्यु के देवता यमराज से बचाया था, इसलिए महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से यह व्रत करती हैं. इस व्रत को जीवनसाथी के प्रति प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. इसके अलावा ऐसा माना जाता है कि वट वृक्ष में भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है, इसलिए इस वृक्ष की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है.











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