Swami Vivekananda Jayanti 2020: आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायी हैं स्वामी विवेकानंद जी के ये अनमोल विचार
स्वामी विवेकानंद हमेशा से ही प्रेरणा स्रोत रहे हैं, इसलिए उनकी जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर भी जाना जाता है. स्वामी विवेकानंद का जन्म 1863 में कोलकाता के एक कायस्थ परिवार में हुआ था. अपने महान विचारों, कर्मों और आचरण से समाज का कल्याण करने वाले स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक है और आज भी वे युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं.
Inspirational Quotes Of Swami Vivekananda: 12 जनवरी 2020 (रविवार) को स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) की 157वीं जयंती मनाई जा रही है. स्वामी विवेकानंद का नाम भारत की ऐसी महान हस्तियों में शुमार है, जिन्होंने देश और समाज को एक नई दिशा प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई. नरेंद्रनाथ दत्त (Narendranath Dutt) यानी स्वामी विवेकानंद को हिंदू धर्म (Hindu Religion) के मुख्य प्रचारक के तौर पर जाना जाता है. स्वामी विवेकानंद हमेशा से ही प्रेरणा स्रोत रहे हैं, इसलिए उनकी जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day) के तौर भी जाना जाता है. स्वामी विवेकानंद का जन्म 1863 में कोलकाता के एक कायस्थ परिवार में हुआ था. बचपन में उन्हें नरेंद्रनाथ दत्त के नाम से पुकारा जाता था, बाद में खेत्री के महाराजा अजित सिंह ने उन्हें स्वामी विवेकानंद नाम दिया. उनके पिता विश्वनाथ दत्त उस समय कलकत्ता हाईकोर्ट में एक वकील थे और उनकी माता भुवनेश्वरी देवी धार्मिक विचारों वाली महिला थीं.
अपने महान विचारों, कर्मों और आचरण से समाज का कल्याण करने वाले स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक है और आज भी वे युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं. उनके कुछ ऐसे विचार भी हैं जिनको अपनाकर कोई अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. स्वामी विवेकानंद जयंती पर जानते हैं उनके अनमोल विचार, जो युवाओं के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करने में सहायक हैं.
1- जब तक आप खुद पर भरोसा नहीं करते हैं तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते.

2- उठो, जागो और लक्ष्य पूरा होने तक मत रुको.

3- अपने इरादों को मजबूत रखो, लोग जो कहते हैं उन्हें कहने दो, एक दिन वही लोग तुम्हारा गुणगान करेंगे.

4- जो किस्मत पर भरोसा करते हैं वो कायर हैं, जो अपनी किस्मत खुद बनाते हैं वो मजबूत हैं.

5- अनुभव ही आपका सर्वोत्तम शिक्षक है. जब तक जीवन है सीखते रहो.

गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद ने 25 साल की उम्र में परिवार को छोड़कर संन्यास धारण कर लिया था. वे एक ऐसे विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्होंने अपने महान विचारों से न सिर्फ देश में को नई दिशा प्रदान की, बल्कि दुनिया भर में भारत का मान भी बढ़ाया. उन्होंने साल 1893 में अमेरिका के शिकागो में हुई विश्व धर्म परिषद में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जहां उन्होंने भाषण के दौरान दुनिया भर के अलग-अलग धर्मों के विद्वानों के सामने वेदांत का ऐसा ज्ञान दिया था कि वहां मौजूद लोग तालियां बजाने पर मजबूर हो गए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 11, 2020 11:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

