Subhash Chandra Bose Jayanti 2025 Wishes: नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के इन हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings को भेजकर दें शुभकामनाएं
नेताजी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में चौथा स्थान हासिल किया और कुछ समय तक उस पद पर कार्यरत भी रहे, लेकिन आजादी की लड़ाई में शामिल होने के लिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के इस खास अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Subhash Chandra Bose Jayanti 2025 Wishes: 'तुम मुझे खून दो-मैं तुम्हें आजादी दूंगा', 'जय हिंद- जय भारत' और 'दिल्ली चलो' जैसे नारों के जरिए देश के युवाओं में देशभक्ति के लिए अलख जगाने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा (Odisha) के कटक में हुआ था, इसलिए हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती (Subhash Chandra Bose Jayanti) देशभर में मनाई जाती है. उनका जन्म एक बंगाली परिवार में हुआ था, उनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और माता का नाम प्रभावती देवी था. नेताजी के 7 भाई और 6 बहनें थीं. नेताजी सुभाष चंद्र बोस देश के उन वीर क्रांतिकारियों में एक थे, जिन्होंने अपने प्राणों की चिंता किए बिना अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ न सिर्फ अपनी आवाज को बुलंद किया, बल्कि उन्होंने मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व भी न्योछावर कर दिया.
नेताजी ने अपने पिता जानकीनाथ बोस की इच्छा का मान रखते हुए आईएएस की परीक्षा दी और उसमें सफलता प्राप्त की. उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में चौथा स्थान हासिल किया और कुछ समय तक उस पद पर कार्यरत भी रहे, लेकिन आजादी की लड़ाई में शामिल होने के लिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के इस खास अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर शुभकामनाएं दे सकते हैं.
गौरतलब है कि प्रशासनिक पद से इस्तीफा देने के बाद अंग्रेजों के खिलाफ स्वाधीनता संग्राम के शुरुआत में नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी के साथ जुड़े. हालांकि बाद में वे उनसे अलग हो गए और फिर साल 1939 में उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की. नेताजी ने 21 अक्टूबर 1943 को आजाद हिंद फौज की स्थापना की और अपनी फौज में महिला रेजिमेंट का गठन किया, जिसे रानी झांसी रेजिमेंट के नाम से जाना जाता था. देश की आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस का निधन 18 अगस्त 1945 को एक विमान दुर्घटना में हुआ था, जिसे लेकर आज भी रहस्य बरकरार है.