मुंबई. मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पूरे भारत, विशेषकर महाराष्ट्र में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है. साल 2026 में भी शिवाजी जयंती को लेकर दो अलग-अलग तारीखों पर चर्चा हो रही है. महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार, शिव जयंती हर साल 19 फरवरी को मनाई जाती है, जबकि कई संगठन और श्रद्धालु इसे हिंदू पंचांग की तारीख (तिथि) के अनुसार मनाना पसंद करते हैं.
19 फरवरी: आधिकारिक राज्य अवकाश
महाराष्ट्र सरकार ने 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की आधिकारिक जन्मतिथि के रूप में स्वीकार किया है. साल 2026 में यह दिन गुरुवार को पड़ रहा है. इस दिन पूरे राज्य में सार्वजनिक अवकाश रहता है और सरकारी स्तर पर बड़े समारोह आयोजित किए जाते हैं. ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर गठित एक समिति की सिफारिशों के बाद सरकार ने इसी तारीख को आधिकारिक मान्यता दी थी.
शिवजयंती तिथीनुसार 2026
भले ही सरकारी कामकाज में 19 फरवरी का महत्व हो, लेकिन पारंपरिक रूप से शिव जयंती हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया (जिसे फाल्गुन वद्य तृतीया भी कहा जाता है) को मनाई जाती है. कई सांस्कृतिक संगठन और शिवप्रेमी इसी तिथि को उत्सव मनाते हैं. 2026 में यह तिथि मार्च के महीने में आएगी, जिससे कई स्थानों पर साल में दो बार जयंती का उल्लास देखने को मिलता है.
दो अलग-अलग तारीखों का इतिहास
शिवाजी महाराज की जन्मतिथि को लेकर लंबे समय तक इतिहासकारों में मतभेद रहे थे. 19वीं सदी में महात्मा ज्योतिराव फुले ने पुणे में पहली बार शिव जयंती की शुरुआत की थी. बाद में लोकमान्य तिलक ने इसे राष्ट्रीय पहचान दी. तारीख और तिथि का विवाद मुख्य रूप से ग्रेगोरियन (अंग्रेजी) कैलेंडर और हिंदू पंचांग के बीच गणना के अंतर के कारण है.













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