Shab-e-Qadr Mubarak 2025 Wishes: शब-ए-कद्र की दें अपनों को मुबारकबाद, भेजें ये आकर्षक WhatsApp Status, Quotes, Shayari, Photo SMS और HD wallpapers
शब-ए-क़द्र (Shab-e-Qadr), जिसे लैलात अल-क़द्र (Laylat al-Qadr) या शक्ति की रात के नाम से भी जाना जाता है इस्लाम में एक बहुत ही सम्मानित रात है, ऐसा माना जाता है कि इसी दिन फ़रिश्ते गेब्रियल ने पैगंबर मुहम्मद को पहली बार कुरान का ज्ञान दिया था. ऐसा माना जाता है कि यह रमज़ान की आखिरी 10 विषम संख्या वाली रातों में आती है...
Shab-e-Qadr Mubarak 2025 Wishes: शब-ए-क़द्र (Shab-e-Qadr), जिसे लैलात अल-क़द्र (Laylat al-Qadr) या शक्ति की रात के नाम से भी जाना जाता है इस्लाम में एक बहुत ही सम्मानित रात है, ऐसा माना जाता है कि इसी दिन फ़रिश्ते गेब्रियल ने पैगंबर मुहम्मद को पहली बार कुरान का ज्ञान दिया था. ऐसा माना जाता है कि यह रमज़ान की आखिरी 10 विषम संख्या वाली रातों में आती है. शब-ए-क़द्र को इस्लामी कैलेंडर में सबसे महत्वपूर्ण रातों में से एक माना जाता है, मुसलमानों का मानना है कि यह महान आशीर्वाद, क्षमा और आध्यात्मिक महत्व की रात है. मुसलमानों का मानना है कि इसी रात को पैगंबर मुहम्मद पर कुरान पहली बार अवतरित हुई थी, जिससे यह इस्लामी इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना बन गई. मुसलमान पारंपरिक रूप से इस रात को प्रार्थना, दुआ और अल्लाह से क्षमा मांगने में बिताते हैं.
मुसलमानों का मानना है कि शब-ए-कद्र पर की गई इबादत एक हजार महीने तक की गई इबादत के समान मानी जाती है, जो इस रात से जुड़े अपार सवाब को उजागर करती है. शब-ए-क़द्र का महत्व रात के दौरान मुसलमानों द्वारा किए जाने वाले अभ्यासों और उसी का पालन करने में है. कई लोग पूरी रात प्रार्थना और कुरान की तिलावत में बिताते हैं. कुछ लोग गरीबों को खाना खिलाने और ज़रूरतमंदों की मदद करने जैसे दान भी करते हैं.
1. शब ए-बारात आई है रोशनी लेकर,
मिटा देगी अंधेरा हर गुनाह का,
खुला है रहमत का दरवाजा हर एक के लिए,
मांग लो जो भी चाहो अपने खुदा से
हर दुआ कबूल होती है
लैलत अल-क़द्र मुबारक

2. शब-ए-बारात की रोशनी में,
हर एक दुआ कुबूल होती है,
जो झुक जाए अल्लाह के दर पर,
उसकी हर मुश्किल दूर होती है.
लैलत अल-क़द्र मुबारक

3. दुआओं की महफ़िल सजी है,
रहमत की बारिश हुई है,
खुदा से तौबा कर लो दोस्तों,
ये शब-ए-बारात की घड़ी है.
शब-ए-बारात मुबारक!

4. अल्लाह आपकी जिंदगी में बरकत दे,
गुनाहों को माफ करे और दुआओं को कुबूल करे,
दुआओं में याद रखना दोस्त
लैलत अल-क़द्र मुबारक

5. अल्लाह आपकी हर दुआ को कुबूल करे,
आपकी जिंदगी को खुशियों से भर दे और आपकी तकदीर को रोशन कर दे.
लैलत अल-क़द्र मुबारक

शब-ए-क़द्र की वास्तविकता यह है कि यह इस्लामी विश्वास और परंपरा से बहुत जुड़ा हुआ है, यह मुसलमानों के कैलेंडर में सबसे महत्वपूर्ण और धन्य रातों में से एक है. कुरान की मान्यता है कि क़द्र की रात विशेष है और इसमें अल्लाह से उन लोगों पर आशीर्वाद का वादा किया गया है जो उससे क्षमा मांगते हैं और उसके मार्गदर्शन का आह्वान करते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 27, 2025 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

