Ramadan Time Table Mumbai, Pune Nashik: इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र महीने 'रमजान' (Ramzan 2026) का इंतजार अब खत्म होने वाला है. सऊदी अरब और खाड़ी देशों में बुधवार, 18 फरवरी से पहला रोजा रखा जा चुका है. भारत में आज यानी 18 फरवरी की शाम को चांद देखे जाने की संभावना है. यदि आज चांद का दीदार होता है, तो भारत में 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) को पहला रोजा रखा जाएगा.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान का महीना चांद दिखने पर निर्भर करता है. महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों मुंबई, पुणे और नासिक में रोजेदारों ने सहरी और इफ्तार की तैयारियां पूरी कर ली हैं. यह भी पढ़े: Ramadan 2026: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मुस्लिम कर्मचारियों को बड़ी राहत, ऑफिस से एक घंटा पहले जाने की अनुमति; स्कूलों का समय भी बदला
यहां देखें मुंबई का टाइम टेबल
पुणे का इफ्तार- सेहरी का टाइम
नासिक का इफ्तार-सेहरी का टाइम
चांद दिखने पर निर्भर है आधिकारिक घोषणा
भारत में रमजान की शुरुआत 'मरकजी हिलाल कमेटी' की घोषणा के बाद होती है. अगर आज 18 फरवरी को आसमान में चांद नजर आता है, तो आज रात से ही मस्जिदों में विशेष नमाज 'तरावीह' शुरू हो जाएगी. यदि आज चांद नहीं दिखता है, तो शाबान का महीना 30 दिन का पूरा होगा और रमजान का पहला रोजा 20 फरवरी को रखा जाएगा.
रमजान का महत्व
रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसे इबादत और बरकत का महीना माना जाता है. इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे 30 दिनों तक रोजा (उपवास) रखते हैं.
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सहरी: सूर्योदय से पहले किए जाने वाले भोजन को सहरी कहते हैं, यहीं से रोजे की शुरुआत होती है.
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इफ्तार: सूर्यास्त के समय खजूर और पानी के साथ रोजा खोलने की प्रक्रिया को इफ्तार कहा जाता है.
इस महीने में अल्लाह की इबादत की जाती हैं
यह महीना आत्म-संयम, दान (जकात) और अल्लाह की इबादत के लिए समर्पित होता है. इस दौरान लोग पांच वक्त की नमाज के साथ कुरान की तिलावत और मानवता की सेवा पर जोर देते हैं.













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