Ramadan 2025 Mehndi Designs: माह-ए-रमजान में मेंहदी से अपने हाथों की सुंदरता में लगाएं चार चांद, देखें खूबसूरत डिजाइन्स
इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के नौवें महीने रमजान के खत्म होने पर ईद का त्योहार मनाया जाता है, जिसकी खुशी को बढ़ाने के लिए महिलाएं अपने हाथों पर मेहंदी रचाती हैं. ईद पर मेहंदी रचाने के अलावा आप मेहंदी के सुर्ख लाल रंग से रमजान के पूरे महीने को भी खास बना सकती हैं. माह-ए-रमजान में अपने हाथों की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए आप इन लेटेस्ट और खूबसूरत मेहंदी डिजाइन्स को अपने हाथों पर रचा सकती हैं.
Ramadan 2025 Mehndi Designs: इस्लाम धर्म को मानने वाले दुनिया भर के मुसलमानों के लिए रमजान (Ramzan) का महीना बेहद खास होता है, जिसे मुख्य तौर पर रोजा रखने और अल्लाह की इबादत करने के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इबादतों, रहमतों और बरकतों वाले इस पवित्र महीने की शुरुआत इस साल 2 मार्च 2025 से हो चुकी है और करीब 29-30 दिनों तक रोजा रखने के बाद ईद (Eid) का त्योहार मनाया जाएगा. रमजान में रोजा रखना हर मुसलमान के लिए फर्ज है, क्योंकि इसे इस्लाम के पांच मूलभूत स्तंभों में एक माना जाता है. शाबान महीने के अंतिम दिन चांद का दीदार होने के बाद रमजान (Ramadan) महीने की शुरुआत हो जाती है. इस महीने रोजा रखने और अल्लाह की इबादत करने के साथ ही लोग रमजान ईद मनाने की तैयारियों में भी जुट जाते हैं. जहां लोग ईद मनाने के लिए नए कपड़ों की खरीददारी करते हैं तो वहीं महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी (Ramadan Mehndi) रचाने के लिए लेटेस्ट डिजाइन्स की तलाश में जुट जाती हैं.
इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के नौवें महीने रमजान के खत्म होने पर ईद का त्योहार मनाया जाता है, जिसकी खुशी को बढ़ाने के लिए महिलाएं अपने हाथों पर मेहंदी रचाती हैं. ईद पर मेहंदी रचाने के अलावा आप मेहंदी के सुर्ख लाल रंग से रमजान के पूरे महीने को भी खास बना सकती हैं. माह-ए-रमजान में अपने हाथों की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए आप इन लेटेस्ट और खूबसूरत मेहंदी डिजाइन्स को अपने हाथों पर रचा सकती हैं.
रमजान के लिए खूबसूरत बैकहैंड मेहंदी
चांद के डिजाइन वाली फ्रंटहैंड मेंहदी
माह-ए-रमजान स्पेशल मेहंदी डिजाइन
आसान और सिंपल मेहंदी डिजाइन
ईद स्पेशल लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन
गौरतलब है कि रमजान के पूरे महीने नियमित रूप से रोजा रखा जाता है और पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है. पांच वक्त की नमाज में फजिर, दुहर, असर, मगरिब और इशा की नमाज शामिल है. लोग सूर्योदय से पहले सहरी के साथ रोजे की शुरुआत करते हैं और पूरे दिन न कुछ खाते हैं न कुछ पीते हैं, फिर सूर्यास्त के बाद इफ्तार के साथ अपना रोजा खोलते हैं. इसके साथ ही रोजेदार अपना ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 05, 2025 01:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

