Puthandu 2025 Wishes: तमिल नववर्ष ‘पुथांडु’ के इन हिंदी WhatsApp Stickers, GIF Greetings, HD Images, Wallpapers के जरिए दें प्रियजनों को बधाई
पुथांडु 2025 (Photo Credits: File Image)

Puthandu 2025 Wishes in Hindi: दक्षिण भारत के साथ-साथ दुनिया में रहने वाले तमिल समुदाय के लोग हर साल 14 अप्रैल को पुथांडु (Puthandu) का त्योहार धूमधाम से मनाते हैं, जिसे तमिल नववर्ष (Tamil New Year) या पुथुवरुशम के रूप में भी जाना जाता है. इस साल भी मेष संक्रांति (Mesh Sankranti) यानी 14 अप्रैल को पुथांडु का त्योहार मनाया जा रहा है. तमिल न्यू ईयर के खास मौके पर दक्षिण भारत में रहने वाले तमिल भाषी लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को ‘पुथांडु वाल्टतुक्का’ कहकर शुभकामनाएं देते हैं, जिसका अर्थ है नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं. अपने परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों के साथ मिलकर लोग इस पर्व को मनाते हैं. इसके लिए घर-आंगन को फूलों, रंगीन लाइटों और रंगोली के खूबसूरत डिजाइनों से सजाया जाता है.

पुथांडु यानी तमिल नववर्ष के दिन लोग सुबह जल्दी उठते हैं और स्नानादि से निवृत्त होने के बाद नए वस्त्र धारण कर भगवान की पूजा करते हैं. पूजन के दौरान वो ईश्वर से अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, साथ ही शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है. ऐसे में आप भी तमिल नववर्ष पुथांडु के इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स को भेजकर बधाई दे सकते हैं.

1- तमिल नववर्ष की शुभकामनाएं

पुथांडु 2025 (Photo Credits: File Image)

2- पुथांडु की हार्दिक शुभकामनाएं

पुथांडु 2025 (Photo Credits: File Image)

3- तमिल नववर्ष की बधाई

पुथांडु 2025 (Photo Credits: File Image)

4- हैप्पी तमिल न्यू ईयर

पुथांडु 2025 (Photo Credits: File Image)

5- हैप्पी पुथांडु 2025

पुथांडु 2025 (Photo Credits: File Image)

 दरअसल, तमिल नववर्ष के पहले दिन को पुथांडु के नाम से जाना जाता है, जिसे 'चिथिरई' और 'वरुशा पिरप्पू' भी कहते हैं. आपको बता दें कि तमिल सौर कैलेंडर का पहला महीना चिथिरई है और चिथिरई के पहले दिन को पुथांडु कहा जाता है. इस दिन घर के मुख्य द्वार पर रंगीन चावल के पाउडर से सुंदर कोलम बनाया जाता है और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया जाता है. राज्य के दक्षिणी हिस्से में रहने वाले लोग पुथांडु को 'चित्तिरै विशु' कहते हैं. इस पर्व को केरल में विशु, पंजाब-हरियाणा में बैसाखी, असम में बोहाग बिहू के नाम से मनाया जाता है.