Puthandu 2025 Messages in Hindi: दक्षिण भारत में रहने वाले तमिल समुदाय के लोग हर साल 14 अप्रैल को नए साल का जश्न मनाते हैं और आज (14 अप्रैल 2025) तमिल नववर्ष (Tamil New Year) का पर्व मनाया जा रहा है. दरअसल, तमिल सौर कैलेंडर के पहले महीने चिथिरई के पहले दिन को दक्षिण भारत में रहने वाले तमिल समुदाय के लोग पुथांडु (Puthandu) यानी तमिल नववर्ष के तौर पर मनाते हैं. तमिल नववर्ष सौर कैलेंडर का पालन करता है और इसी दिन सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इस दिन मेष संक्रांति (Mesh Sankranti) भी मनाई जाती है. पुथांडु को 'चिथिरई' और 'वरुशा पिरप्पू' भी कहते हैं. पुथांडु का इतिहास प्राचीन संगम काल से मिलता है, जो 2,000 साल से भी अधिक पुराना है. यह पर्व कृषि प्रथाओं से जुड़ा है, इसलिए इस दिन लोग रबी की फसल की कटाई का जश्न मनाते हैं, इसके साथ ही अच्छी उपज के लिए अनाज अर्पित कर ईश्वर का धन्यवाद करते हैं.
पुथांडु तमिल लोगों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में गहराई से निहित है और यह तमिल संस्कृति का अभिन्न अंग है. इस दिन लोग पुथांडु वाजथुकल कहकर अपनों को बधाई देते हैं, जिसका अर्थ है नया साल और वाजथुकल का मतलब शुभकामना या बधाई से है. ऐसे में इस बेहद खास अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को पुथांडु यानी तमिल नववर्ष की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





तमिल नववर्ष पुथांडु सेलिब्रेशन के दौरान विभिन्न रीति-रिवाजों और परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिलती है. इस पर्व का जश्न मनाने के लिए लोग अपने घरों की साफ-सफाई करके घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाते हैं. पुरुष और महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर भगवान की पूजा करते हैं. इसके साथ ही इस दिन कच्चे आम, गुड़, नीम के फूल और अन्य सामग्रियों से मंगा पचड़ी नाम का एक विशेष व्यंजन तैयार किया जाता है, फिर परिवार के सभी लोग साथ मिलकर पारंपरिक लजीज पकवानों का लुत्फ उठाते हैं.













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