Narali Purnima 2025 Messages: नारली पूर्णिमा के इन हिंदी WhatsApp Wishes, Quotes, Facebook Greetings को भेजकर प्रियजनों को दें शुभकामनाएं
नराली पूर्णिमा को लेकर मान्यता है कि इस दिन सागर के देवता वरुण देव की पूजा करने और समंदर में नारियल अर्पित करने से मछुआरों के कार्यों बरकत बनी रहती है. इसके साथ ही वरुण देव प्रसन्न होते हैं और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से मछुआरों की रक्षा करते हैं. ऐसे में नारली पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को प्रियजनों संग शेयर करके उन्हें शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Narali Purnima 2025 Messages in Hindi: एक तरफ जहां सावन मास की पूर्णिमा (Sawan Purnima) तिथि को देशभर में रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है तो वहीं दूसरी तरफ भारत के तटीय क्षेत्रों, खासकर महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा और गुजरात में रहने वाले मछुआरे इस दिन नारली पूर्णिमा (Narali Purnima) का त्योहार मनाते हैं, जिसे नारियली पूर्णिमा (Nariyali Purnima), श्रावण पूर्णिमा (Shravan Purnima) और कौमुदी पूर्णिमा (Kaumudi Purnima) के नाम से भी जाना जाता है. इस साल 9 अगस्त 2025 को यह पर्व मनाया जा रहा है. दरअसल, नारली पूर्णिमा मछली पकड़ने के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है, इसलिए इस दिन समंदर में नारियल अर्पित करके मछुआरे भगवान वरुण देव की पूजा करते हैं. पूजा करने के बाद मछुआरे अपनी सजी हुई नावों का प्रदर्शन करते हुए समंदर में जाते हैं और छोटी सी यात्रा करके किनारे पर वापस लौट आते हैं. इसके अलावा इस उत्सव को मनाने के लिए घरों में नारियल से मीठे पकवान बनाए जाते हैं, जिसे परिवार वालों और करीबियों के साथ मिलकर खाया जाता है.
नराली पूर्णिमा को लेकर मान्यता है कि इस दिन सागर के देवता वरुण देव की पूजा करने और समंदर में नारियल अर्पित करने से मछुआरों के कार्यों बरकत बनी रहती है. इसके साथ ही वरुण देव प्रसन्न होते हैं और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से मछुआरों की रक्षा करते हैं. ऐसे में नारली पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को प्रियजनों संग शेयर करके उन्हें शुभकामनाएं दे सकते हैं.





गौरतलब है कि सावन पूर्णिमा यानी नारली पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है, स्नान के बाद दान पुण्य करना इस दिन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. पवित्र नदी में स्नान व दान करने के साथ ही इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है. नारियल भगवान विष्णु को प्रिय है, इसलिए इस दिन उन्हें नारियल अर्पित करना विशेष तौर पर फलदायी माना जाता है. इसके साथ ही इस दिन प्रकृति के प्रति अपना प्यार, सम्मान और कृतज्ञता दिखाने के लिए लोग वृक्षारोपण भी करते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 09, 2025 05:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

