Narada Jayanti 2025 Wishes: नारद जयंती के इन शानदार हिंदी WhatsApp Messages, Photo SMS, Facebook Greetings को भेजकर दें शुभकामनाएं
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि नारद का जन्म ब्रह्मा जी की गोद से हुआ था, उन्होंने ब्रह्माजी का मानस पुत्र बनने के लिए कड़ी तपस्या की थी. ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार नारद जी ने कभी विवाह नहीं किया था. सृष्टि के पहले पत्रकार नारद जी की जयंती के इस पावन अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, फोटो एसएमएस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर प्रियजनों को इस पर्व की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Narada Jayanti 2025 Wishes in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को इस सृष्टि के पहले पत्रकार और भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) के परम भक्त महर्षि नारद जी की जयंती (Narada Jayanti) हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है, जबकि ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार इस साल 13 मई 2025 को नारद जयंती मनाई जा रही है. ऐसी मान्यता है कि इसी दिन नारद मुनि का जन्म हुआ था. महर्षि नारद तीनों लोकों में सूचना पहुंचाने का काम करते थे, इसलिए उन्हें इस संसार का प्रथम पत्रकार भी माना जाता है. नारद मुनि पृथ्वी, आकाश और पाताल लोक में देवी-देवताओं और असुरों तक संदेश पहुंचाया करते थे. देवर्षि नारद को श्रुति-स्मृति, इतिहास, पुराण, व्याकरण, वेदांग, संगीत, खगोल-भूगोल, ज्योतिष और योग जैसे कई शास्त्रों का प्रकांड विद्वान माना जाता है.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि नारद का जन्म ब्रह्मा जी की गोद से हुआ था, उन्होंने ब्रह्माजी का मानस पुत्र बनने के लिए कड़ी तपस्या की थी. ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार नारद जी ने कभी विवाह नहीं किया था. सृष्टि के पहले पत्रकार नारद जी की जयंती के इस पावन अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, फोटो एसएमएस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर प्रियजनों को इस पर्व की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





कहा जाता है कि भगवान विष्णु के परम भक्त महर्षि नारद भक्तों की पुकार श्रीहरि तक पहुंचाते हैं. इसके साथ ही नारद मुनि ब्रह्मांड में घट रही सभी घटनाओं की जानकारी एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते थे. नारद जयंती के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए, फिर साफ-सुथरे वस्त्र पहनकर नारद मुनि की पूजा-अर्चना करनी चाहिए. पूजन के दौरान उन्हें चंदन, तुलसी दल, कुमकुम, फूल और मिठाई अर्पित करना चाहिए, फिर शाम को पूजा करने के बाद भगवान विष्णु की आरती करनी चाहिए. इसके अलावा कहा जाता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से भक्तों को नारद मुनि के साथ-साथ भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होती है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

