Mahashivratri 2025 Wishes: महाशिवरात्रि के इन शानदार हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings को भेजकर दें अपनों को शुभकामनाएं
महाशिवरात्रि की पावन तिथि पर भगवान शिव की पूजा चारों प्रहर में की जाती है और विधि-विधान से पूजन कर भगवान शिव को प्रसन्न किया जाता है. महाशिवरात्रि का पर्व आध्यात्मिक राह पर चलने वाले साधकों के लिए काफी महत्व रखता है. इस पावन अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Mahashivratri 2025 Wishes in Hindi: देशभर में महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और तमाम शिवालयों में 'हर-हर महादेव' और 'ओम् नम: शिवाय' के जयकारे सुनाई देते हैं. हर महीने मनाई जाने वाली शिवरात्रियों में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व बताया जाता है, जिसे महाशिवरात्रि के तौर पर जाना जाता है. इस साल 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि मनाई जा रही है. महाशिवरात्रि के इस महापर्व को तमाम शिवभक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है, क्योंकि इसे शिव-शक्ति सहित आध्यात्मिक तौर पर प्रकृति और पुरुष के मिलन की रात के तौर पर जाना जाता है. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव (Bhagwan Shiv) और माता पार्वती (Mata Parvati) का विवाह संपन्न हुआ था. कहा जाता है महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर प्राप्त होता है.
महाशिवरात्रि की पावन तिथि पर भगवान शिव की पूजा चारों प्रहर में की जाती है और विधि-विधान से पूजन कर भगवान शिव को प्रसन्न किया जाता है. महाशिवरात्रि का पर्व आध्यात्मिक राह पर चलने वाले साधकों के लिए काफी महत्व रखता है. इस पावन अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
महाशिवरात्रि पर निशिता काल की पूजा का विशेष महत्व बताया जाता है. इस पावन तिथि पर चार प्रहर में चार बार शिव पूजन का विधान आता है, इसलिए महाशिवरात्रि पर चार बार रुद्राभिषेक भी संपन्न कराना चाहिए. पहले प्रहर में दूध से शिव के ईशान स्वरूप, दूसरे प्रहर में दही से अघोर स्वरूप, तीसरे प्रहर में घी से बामदेव स्वरूप और चौथे प्रहर में शहद से सदयोजात स्वरूप का अभिषक करना चाहिए. मान्यता है कि इस तरह से पूजन करने से भक्तों को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.