Magha Gupta Navratri 2025 Wishes: माघ गुप्त नवरात्रि के इन शानदार हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings को भेजकर दें शुभकामनाएं
ऐसी मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान तांत्रिक और अघोरी सिद्धियों की प्राप्ति के लिए पूर नौ दिन तक दस महाविद्याओं की उपासना करते हैं, इसलिए इसे उनके लिए विशेष माना जाता है. मां दुर्गा और दस महाविद्याओं को समर्पित माघ गुप्त नवरात्रि की आप इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Magha Gupta Navratri 2025 Wishes in Hindi: माघ मास में मनाई जाने वाली माघ गुप्त नवरात्रि (Magha Gupta Navratri) की शुरुआत इस साल 30 जनवरी 2025 से हो रही है, जिसका समापन 7 फरवरी 2025 को होगा. दरअसल, माघ और आषाढ़ मास में गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है, क्योंकि इस दौरान नौ दिनों तक साधक दस महाविद्याओं की पूजा-अर्चना गुप्त तरीके से करते हैं, इसलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) में मां दुर्गा (Maa Durga) की 10 महाविद्या प्रकट हुई थीं. गुप्त नवरात्रि में सिद्धियों की प्राप्ति के लिए दस महाविद्याओं में शुमार मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुनेश्वरी, मां छिन्नमस्तिके, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी, मां कमला की उपासना करनी चाहिए. इसके अलावा माघ गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी शक्ति के 32 अलग-अलग नामों का जाप, दुर्गा सप्तशती, देवी महात्म्य और श्रीमद्-देवी भागवत इत्यादि का पाठ करने से भक्तों के जीवन से सभी समस्याएं समाप्त होती हैं.
ऐसी मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान तांत्रिक और अघोरी सिद्धियों की प्राप्ति के लिए पूर नौ दिन तक दस महाविद्याओं की उपासना करते हैं, इसलिए इसे उनके लिए विशेष माना जाता है. मां दुर्गा और दस महाविद्याओं को समर्पित माघ गुप्त नवरात्रि की आप इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को शुभकामनाएं दे सकते हैं.





गौरतलब है कि मां दुर्गा को समर्पित नवरात्रि सालभर में 4 बार मनाई जाती है, जिसमें से चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) और शारदीय नवरात्रि को धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन माघ और आषाढ़ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है. तांत्रिकों और अघोरियों के लिए गुप्त नवरात्रि काफी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि गुप्त रूप से पूजा करके तांत्रिक और अघोरी तंत्र-मंत्र की सिद्धियों को प्राप्त करते हैं, जबकि गृहस्थ जीवन वाले इस दौरान देवी दुर्गा की सामान्य रूप से पूजा करते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 29, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

