Legal Service Day 2019: क्यों मनाया जाता है कानूनी सेवा दिवस, जानें कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूकता लाने वाले इस दिन का इतिहास और महत्व
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay Image)

Legal Service Day 2019: भारत में कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम और मुकदमों के अधिकार के तहत विभिन्न प्रावधानों से लोगों को अवगत कराने के लिए हर साल 9 नवंबर को कानूनी सेवा दिवस (Legal Service Day) मनाया जाता है. इस दिवस का मकसद समाज के कमजोर वर्गों (Weaker Section) के लोगों को मुफ्त कानूनी सेवाएं (Free Legal Services) प्रदान करना है. इस दिवस का उद्देश्य लोगों को उन अधिकारों के प्रति जागरूक करने का भी है, जिनके वे हकदार हैं. भारत के कमजोर वर्गों और गरीब समूह को कानूनी सहायता प्रदान करने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने देश में कानूनी सेवा दिवस मनाने की शुरुआत की थी. इस दिवस का उद्देश्य सभी नागरिकों तक कानूनी सहायता सुनिश्चित करना है और समाज के कमजोर वर्गों को निशुल्क और कुशल कानूनी सहायता उलब्ध करवाना है.

इस दिवस पर देशभर में लोगों को समानतापूर्वक कानूनी सेवा प्रदान करने के लिए लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है. इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर कानूनी अधिकारों (Legal Rights) के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कैंप और समारोहों का आयोजन किया जाता है.

इस दिवस का इतिहास और महत्व

इस दिन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1995 में देशभर में कमजोर लोगों की मदद के लिए शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य महिलाओं, दिव्यांग जन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और मानव तस्करी के शिकार इत्यादि लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करता है. यह भी पढ़ें: World Consumers Rights Day 2019: अपने हक को समझें, बनें जागरूक उपभोक्ता

इस दिन देश के कई स्थानों पर विशेष रूप से पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों में कई कानूनी साक्षरता शिविर और समारोह आयोजित किए जाते हैं. सरकारी और गैर सरकारी संगठनों के लोग कानूनी सेवा दिवस से संबंधित कार्यों और शिविरों में भाग लेते हैं. इसके अलावा इस दिन कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रत्येक क्षेत्राधिकार लोग अदालतों, कानूनी सहायता शिविरों और कानूनी सहायता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.