Karwa Chauth 2023 Wishes in Hindi: साल भर में महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना से कई व्रत करती हैं, जिनमें से एक है करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth Vrat). जी हां, हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना से करवा चौथ (Karwa Chauth) का व्रत करती हैं. इस साल महिलाएं करवा चौथ का व्रत 1 नवंबर 2023 को रख रही हैं. इस दिन महिलाएं दिन भर निर्जल व्रत रखती हैं, फिर सज-संवरकर, सोलह श्रृंगार करके विधि-विधान से पूजन करती हैं, पूजा के दौरान करवा चौथ की कहानी सुनी या पढ़ी जाती है, फिर रात में चंद्रमा के उदय होने के बाद उसका दीदार करके महिलाएं अपना व्रत पूर्ण करती हैं. मान्यता है कि इस व्रत को करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य और खुशहाल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है.
महिलाएं सूर्योदय से पहले ही सरगी खाकर इस व्रत की शुरुआत करती हैं. इस व्रत में हाथों में मेहंदी रचाने, सोलह श्रृंगार करने और लाल रंग के कपड़े पहनने का विशेष महत्व बताया जाता है. इसके साथ ही इस दिन शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान भी किया जाता है. ऐसे में आप भी इन प्यार भरे विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर करवा चौथ की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
1- आज सजी हूं दुल्हन सी मैं,
कब तुम आओगे पिया,
अपने हाथों से पानी पिलाकर आप,
कब गले लगाओगे पिया...
करवा चौथ की शुभकामनाएं
2- माथे की बिंदिया चमकती रहे,
हाथों में चूड़ियां खनकती रहे,
पैरों की पायल झनकती रहे,
पिया संग प्रेम बेला सजती रहे.
करवा चौथ की शुभकामनाएं
3- आए तो संग लाए खुशियां हजार,
हर साल मनाएं हम यह त्योहार,
भर दे हमारा दामन खुशियों के साथ.
दे जाए तुम्हें उम्र हजार हजार साल.
करवा चौथ की शुभकामनाएं
4- धन्य वह स्त्री जो पति सुख हेतु व्रत पावे,
धन्य वह पति देवी रूप पत्नी पावे,
धन्य वह स्वरूप जो मनुष्यता का दीप जलावे.
करवा चौथ की शुभकामनाएं
5- चांद की चमक के साथ,
सांसों की महक के साथ,
श्रद्धा की रात लिए,
पति की मंगल कामना लिए,
आई है ये खास रात.
करवा चौथ की शुभकामनाएं
अगर कोई महिला शादी के बाद पहली बार करवा चौथ का व्रत कर रही है तो पूजा के लिए वो अपनी शादी का जोड़ा भी पहन सकती है, क्योंकि ऐसा करना शुभ माना जाता है. इस दिन सुबह स्नान के बाद लाल या गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए, फिर शाम के समय दुल्हन की तरह तैयार होकर विधि-विधान से पूजा करके, व्रत की कथा सुनने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए. चंद्रमा की पूजा के बाद चलनी को ओट से चांद का दीदार कर अपने पति का चेहरा देखकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए और फिर पति के हाथ से जल पीकर अपना व्रत खोलना चाहिए.