Kamada Ekadashi 2023 Messages: कामदा एकादशी की इन हिंदी WhatsApp Wishes, Facebook Greetings, Quotes के जरिए दें शुभकामनाएं
कामदा एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से समस्त पापों का नाश होता है और मृत्यु के पश्चात वैकुंठ में स्थान मिलता है. इस अवसर पर भक्त शुभकामना संदेशों के जरिए बधाई देते हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Kamada Ekadashi 2023 Messages in Hindi: चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के समापन के बाद चैत्र शुक्ल एकादशी को कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi) का व्रत किया जाता है, जिसका खासा महत्व बताया जाता है, क्योंकि यह हिंदू नव वर्ष (Hindu New Year) की पहली एकादशी कहलाती है. इस साल कामदा एकादशी का व्रत 1 और 2 अप्रैल दोनों दिन रखा जा रहा है. शास्त्रों के अनुसार, जब एकादशी का व्रत लगातार दो दिनों के लिए हो तो गृहस्थ जीवन वालों को पहले दिन एकादशी का व्रत रखना चाहिए, जबकि साधु-संत और वैष्णव संप्रदाय के लोग दूसरे दिन एकादशी का व्रत रखते हैं. ऐसी मान्यता है कि कामदा एकादशी का व्रत करने से व्रती का तन और मन दोनों शुद्ध होता है, इसके साथ ही जीवन में भौतिक सुख-साधनों की कमी नहीं होती है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामदा एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से समस्त पापों का नाश होता है और मृत्यु के पश्चात वैकुंठ में स्थान मिलता है. इस अवसर पर भक्त शुभकामना संदेशों के जरिए बधाई देते हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए शुभकामनाएं दे सकते हैं.
1- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ताल बजे, मृदंग बजे, बजे श्रीहरि की वीणा,
जय राम, जय राम, जय-जय श्रीकृष्ण हरि.
कामदा एकादशी की हार्दिक बधाई

2- जो व्यक्ति कामदा एकादशी व्रत का पालन,
सच्चे मन से करता है,
उसे विष्णु लोक की प्राप्ति होती है.
कामदा एकादशी की हार्दिक बधाई

3- ॐ श्री विष्णवे नम:
विष्णु जिनका नाम हो,
वैकुंठ जिनका धाम हो,
कामदा एकादशी के शुभ अवसर पर,
श्रीहरि को शत-शत प्रणाम.
कामदा एकादशी की हार्दिक बधाई

4- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
भगवान विष्णु आपको सुख, शांति, समृद्धि,
यश और कीर्ति प्रदान करें.
कामदा एकादशी की हार्दिक बधाई

5- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे,
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करें.
कामदा एकादशी की हार्दिक बधाई

गौरतलब है कि कामदा एकादशी का व्रत फलाहार और निर्जल दोनों तरीके से रखा जाता है. इस व्रत के नियमों का पालन दशमी तिथि से ही शुरु हो जाता है और द्वादशी तिथि को सूर्योदय के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद इस व्रत का पारण किया जाता है. इस दिन फल, फूल, दूध, तिल, पंचामृत, मिठाई और तुलसी दल से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. पूजा के दौरान व्रत की कथा पढ़ी या सुनी जाती है. इसके साथ ही भगवान विष्णु के मंत्रों का जप किया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 01, 2023 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

