Islamic Calendar 2026: भारत में मुस्लिम त्यौहारों और महत्वपूर्ण तिथियों की विस्तृत जानकारी
वर्ष 2026 में रमजान, ईद-उल-फितर और बकरीद जैसे प्रमुख त्यौहारों की संभावित तिथियां घोषित हो गई हैं. चंद्रमा के दर्शन के आधार पर इन तिथियों में बदलाव हो सकता है.
Islamic Calendar 2026: भारत में 2026 के इस्लामिक कैलेंडर (हिजरी 1447-1448) की महत्वपूर्ण तिथियां सामने आ गई हैं. मुस्लिम समुदाय के लिए यह वर्ष आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है. 2026 में रमजान का पवित्र महीना फरवरी के मध्य से शुरू होकर मार्च के उत्तरार्ध तक चलेगा. इसके तुरंत बाद ईद-उल-फितर का जश्न मनाया जाएगा. इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा की गति पर आधारित होता है, इसलिए इन त्यौहारों की सटीक तारीखें स्थानीय स्तर पर चाँद दिखने के बाद ही तय की जाती हैं.
मुस्लिम प्रमुख त्यौहार और महत्वपूर्ण तिथियां (संभावित)
| त्यौहार / उत्सव | संभावित तिथि (2026) | दिन |
| शब-ए-बारात | February 3, 2026 | मंगलवार |
| रमजान (उपवास शुरू) | February 18 or 19, 2026 | बुधवार/गुरुवार |
| लैलतुल-कद्र | March 16, 2026 | सोमवार |
| ईद-उल-फितर (रमजान ईद) | March 20 or 21, 2026 | शुक्रवार/शनिवार |
| हज (प्रारंभ) | May 25, 2026 | सोमवार |
| ईद-उल-अजहा (बकरीद) | May 27, 2026 | बुधवार |
| इस्लामिक नव वर्ष (1448 हिजरी) | June 16, 2026 | मंगलवार |
| मुहर्रम (आशुरा) | June 25 or 26, 2026 | गुरुवार/शुक्रवार |
| ईद-ए-मिलाद (नबी का जन्मदिन) | August 25, 2026 | मंगलवार |
रमजान और ईद-उल-फितर का महत्व
2026 में रमजान का महीना विशेष होगा क्योंकि यह वसंत ऋतु के दौरान आ रहा है. उपवास (रोजा) की शुरुआत February 19, 2026 (चाँद दिखने पर निर्भर) को होने की संभावना है. एक महीने की इबादत और संयम के बाद, भारत में मार्च के तीसरे सप्ताह में ईद-उल-फितर मनाई जाएगी. यह त्यौहार भाईचारे और परोपकार का संदेश देता है.
ईद-उल-अजहा और हज सीजन
कुर्बानी का त्यौहार, जिसे ईद-उल-अजहा या बकरीद कहा जाता है, May 27, 2026 को मनाए जाने की उम्मीद है. इसी समय के दौरान दुनिया भर से लाखों मुसलमान मक्का की वार्षिक तीर्थयात्रा यानी 'हज' के लिए एकत्र होते हैं. भारत में इस दिन को सरकारी राजपत्रित अवकाश (Gazetted Holiday) के रूप में मनाया जाता है.
चंद्र दर्शन और तारीखों में बदलाव
इस्लामिक त्यौहारों की एक प्रमुख विशेषता यह है कि वे पूरी तरह से चंद्र दर्शन पर आधारित होते हैं. भारत के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे केरल बनाम उत्तरी भारत) में चाँद दिखने के समय में अंतर हो सकता है, जिससे त्यौहारों की तारीखों में एक दिन का अंतर आने की संभावना रहती है.