त्यौहार

Holi 2019: केमिकल रंगों से बचने के लिए घर पर बनाए रंग और न होने दे रंग में भंग

चटख और सस्ते रंगों की बढ़ती मांग हमारी त्वचा और आंखों का दुश्मन साबित हो रही है. इसमें चीन से आयातित रंगों की भी अहम भूमिका है. इन रंगों में प्रयुक्त खतरनाक रसायन हमारी त्वचा और आंखों को हर तरह से नुकसान पहुंचाती है.

Holi 2019: केमिकल रंगों से बचने के लिए घर पर बनाए रंग और न होने दे रंग में भंग
होली 2019 (Photo Credits: Facebook/Pixabay)

चटख और सस्ते रंगों की बढ़ती मांग हमारी त्वचा और आंखों का दुश्मन साबित हो रही है. इसमें चीन से आयातित रंगों की भी अहम भूमिका है. इन रंगों में प्रयुक्त खतरनाक रसायन हमारी त्वचा और आंखों को हर तरह से नुकसान पहुंचाती है. अगर हमें परंपरागत होली का आनंद लेते हुए अपनी त्वचा और आंखों को सुरक्षित रखना है तो हमें रंगों के चयन में विशेष सावधानी बरतनी होगी. बेहतर तो यही होगा कि होली के रंगों का निर्माण आप घर पर ही करें. यह सुरक्षित भी होगा और सस्ता भी. अब कैसे कौन सा रंग बनाना है, वह हम आपको बता देंगे.

1. बाजार से सूखा लाल चंदन लेकर इसे सिलबट्टे पर बारीक पीस कर पानी में घोल लें. सुर्ख लाल रंग तैयार हो जायेगा, जिसे चेहरे पर लगायें या पिचकारी से छोड़ें. यह त्वचा के लिए लाभदायक भी होता है.

2. जासवंती के फूलों को एक सप्ताह पूर्व सुखा लें. होली से एक दिन पूर्व इसे बारीक पीस कर पाउडर तैयार कर लें. इससे आपको चटख सिंदूरी रंग प्राप्त होगा. इसे आप अपनी सुविधानुसार किसी के चेहरे पर लगायें अथवा गीला रंग बनाकर प्रयोग करें.

3. गुलमोहर की पत्तियों को सुखाकर बारीक पाउडर के रूप में पीस लें. यह आपको हरा रंग देगा. इसे आप अपनी सुविधानुसार प्रयोग कर सकते हैं.

4. पलिता, मदार के ताजे फूलों कों रात में ही पानी में भिगो दें. इससे भी लाल चटख रंग बनते हैं.

5. पर्वतीय क्षेत्रों में बुरांस के फूल भारी तादात में उपलब्ध होते हैं. इन्हें भी रात में भिगोकर रख दें. होली की इन रंगों को पानी में मिलाकर होली का आनंद लें. इससे सुर्ख लाल रंग बनता है.

6. अनार के छिलकों को पानी में उबाल लें, तो लाल रंग प्राप्त होता है.

7.  चुकंदर को बारीक किस लें और इसे एक लीटर पानी में भिगो दें. इससे गुलाबी रंग तैयार होता है. अगर चटख गुलाब रंग चाहिए तो इसे रात भर के लिए एक बाल्टी पानी में भिगो लें, और सुबह इस्तेमाल करें. यह भी पढ़ें- Holi 2019: कृष्ण जन्मभूमि ब्रज में बलराम-राधा के बीच खेली गई होली से लोकप्रिय हुई देवर-भाभी की होली, कैसे जानिए

8. गेंदा, अमलतास और पीले सेवंती के फूलों की पंखुड़ियों को एक सप्ताह पूर्व छांव में सुखा कर बारीक पीस लें. इसे पानी में घोलें, आपको पीला रंग प्राप्त होगा.

9. जामुन को बारीक पीस कर इसमें पानी मिला लें. इससे नीला रंग प्राप्त हो जायेगा.

10. जकरंदा के फूलों की पंखुड़ियों को छांव में सुखाकर बारीक पीस लें. इसे पानी में घोलें, नीला रंग प्राप्त होगा.

11.  दो चम्मच सामान्य हल्दी को बारीक पीस लें और चार बाल्टी पानी में इसे घोल लें. पीला रंग प्राप्त होगा. इसे और गाढ़ा बनाना है तो इसे उबाल लें.

12. अगर घर पर रंग बचाने की जहमत नहीं लेना चाहते तो आप टेसू का फूल एक रात पहले भिगो कर रख दीजिये, फिर होली के दिन केसरिया रंगों से सुरक्षित होली मनाइये.

तो इन सब तरीकों को अपना कर आप घर पर रंग बना सकते हैं और केमिकल रंगों की टेंशन से मुक्ति पाकर होली का आनंद ले सकते हैं. अगर आप घर पर बनाए रंगों से होली खेलेंगे तो त्योहार की मिठास भी बनी रहेगी और रंगों से होने वाले नुकासन की फिक्र भी आपको नहीं होगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 17, 2019 04:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).