Deepawali 2024 Sanskrit Wishes: शुभं दीपावलीम्! इन शानदार Shlokas, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए संस्कृत में दें दीपावली की शुभकामनाएं
दिवाली उत्सव के तीसरे दिन यानी कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दीपावली मनाई जाती है. इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. लक्ष्मी पूजन की लोग शुभकामना संदेशों के जरिए बधाई देते हैं. ऐसे में आप अगर किसी को संस्कृत में शुभकामनाएं देना चाहते हैं तो इन शानदार विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को शेयर कर शुभं दीपावलीम् कह सकते हैं.
Deepawali 2024 Sanskrit Wishes: पांच दिवसीय दिवाली उत्सव (Diwali Utsav) का हर किसी को साल भर बेसब्री से इंतजार रहता है. जगमगाते दीयों के इस उत्सव के दौरान धनतेरस, छोटी दिवाली, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे कई महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं. दीपावली से जुड़ी प्रचलित पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली (Deepawali) के दिन मर्यादापुरुषोत्तम भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या नगरी में वापस लौटे थे, उनके स्वागत में पूरी अयोध्या (Ayodhya) नगरी को दीयों से रोशन किया गया था. कहा जाता है कि तब से दिवाली मनाने की परंपरा शुरु हुई है और यह सिलसिला अब तक बरकरार है. हिंदू पंचांग के मुताबिक, पांच दिवसीय दिवाली उत्सव की शुरुआत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से धनतेरस (Dhanteras) के साथ शुरु होती है और समापन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज (Bhai Dooj) के साथ होता है, जबकि दिवाली का मुख्य पर्व दीपावली यानी लक्ष्मी पूजन (Lakshmi Pujan) होता है, जो इस साल 31 अक्टूबर 2024 को है.
हर साल दिवाली उत्सव के तीसरे दिन यानी कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दीपावली मनाई जाती है. इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. लक्ष्मी पूजन की लोग शुभकामना संदेशों के जरिए बधाई देते हैं. ऐसे में आप अगर किसी को संस्कृत में शुभकामनाएं देना चाहते हैं तो इन शानदार विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को शेयर कर शुभं दीपावलीम् कह सकते हैं.
सन्तोषेण, शान्त्या आरोग्येण च प्रकाशयन्तु।




गृहम उज्जवलायतू जीवनम अपी।

गौरतलब है कि दीपावली के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है. ऐसी मान्यता है कि दीपावली की रात शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और धन-ऐश्वर्य का आगमन होता है. मां लक्ष्मी की कृपा से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं. ऐसा कहा जाता है कि जिस व्यक्ति के पास ज्ञान, बुद्धि और विवेक होता है, उसी के पास धन भी स्थिर रहता है, इसलिए दीपावली पर माता लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान गणेश की पूजा की जाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 29, 2024 01:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

