Chand Raat Mubarak 2026 Messages: चांद रात मुबारक! माह-ए-रमजान की शुरुआत होते ही अपनों संग शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Wishes, GIF Greetings और Quotes
चांद रात की आधिकारिक पुष्टि होते ही मुस्लिम बहुल इलाकों में रौनक बढ़ जाती है. मस्जिदों को रोशनी से सजाया जाता है और पवित्र कुरान के पाठ (खत्म-ए-तरावीह) के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं. इसके साथ ही इस अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए प्रियजनों को चांद रात मुबारक कहकर बधाई दे सकते हैं.
Chand Raat Mubarak 2026 Messages in Hindi: दुनियाभर के करोड़ों मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र माना जाने वाला महीना 'रमजान' (Ramadan 2026) दस्तक दे चुका है. भारत में आज, 18 फरवरी 2026 की शाम को रमजान के चांद के दीदार के साथ ही माह-ए-रमजान की शुरुआत हो गई है और कल यानी 19 फरवरी 2026 को साल का पहला रोजा रखा जाएगा. चांद रात के साथ ही देश की तमाम मस्जिदों में आज रात से ही 'ईशा' की नमाज के बाद विशेष तरावीह की नमाज भी शुरू हो जाएगी. इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, नए महीने की शुरुआत चांद के दीदार पर निर्भर करती है. दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद, जामा मस्जिद और मुंबई की मरकजी हिलाल कमेटियों समेत देशभर की विभिन्न स्थानीय कमेटियां सूर्यास्त के बाद चांद की स्थिति का जायजा लेती हैं.
चांद रात की आधिकारिक पुष्टि होते ही मुस्लिम बहुल इलाकों में रौनक बढ़ जाती है. मस्जिदों को रोशनी से सजाया जाता है और पवित्र कुरान के पाठ (खत्म-ए-तरावीह) के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं. इसके साथ ही इस अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए प्रियजनों को चांद रात मुबारक कहकर बधाई दे सकते हैं. यह भी पढ़ें: Chand Raat Mubarak 2026 Wishes: माह-ए-रमजान के चांद का दीदार होते ही अपनों को इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें चांद रात की मुबारकबाद





सऊदी अरब समेत संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अन्य खाड़ी देशों में मंगलवार को ही चांद की पुष्टि हो गई थी. इसके चलते वहां आज, बुधवार को ही पहला रोजा रखा गया है. परंपरा के अनुसार, भारत और दक्षिण एशिया के अन्य देशों में अक्सर खाड़ी देशों के एक दिन बाद चांद नजर आता है, इसलिए यहां आज की शाम (बुधवार) को 'चांद रात' के तौर पर देखा जा रहा है. रमजान के इस पाक महीने में रोजेदार सुबह सूरज निकलने से पहले 'सहरी' करते हैं और शाम को सूर्यास्त के बाद 'इफ्तार' के साथ अपना रोजा खोलते हैं. यह महीना आत्म-संयम, दान-पुण्य और अल्लाह की इबादत के लिए समर्पित होता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 18, 2026 06:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

