Eid 2026 Moon Sighting Live News Updates: सऊदी अरब में नहीं दिखा शव्वाल का चांद, अब 20 मार्च को मनाई जाएगी ईद-उल-फितर

पश्चिमी देशों जैसे यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, कनाडा और फ्रांस में ईद की तारीख को लेकर अलग-अलग मान्यताएं देखने को मिलती हैं. कुछ समुदाय सऊदी अरब के ऐलान का पालन करते हैं, जबकि कुछ स्थानीय चांद देखने या खगोलीय गणनाओं को प्राथमिकता देते हैं.

18 Mar, 20:58 (IST)

सऊदी अरब में आज शव्वाल का चांद कहीं भी नजर नहीं आया. इसके चलते रमजान का महीना 30 दिन का पूरा होगा. अब आधिकारिक रूप से ईद-उल-फितर शुक्रवार 20 मार्च 2026 को मनाई जाएगी. चांद न दिखने के बाद यह फैसला लिया गया है, जिससे दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय को ईद की तारीख स्पष्ट हो गई है.

18 Mar, 20:54 (IST)

सऊदी अरब में शव्वाल का चांद नजर नहीं आया है. इसके चलते अब ईद-उल-फितर का त्योहार शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. रमजान का पवित्र महीना अब अपने अंतिम चरण में है. इस दौरान मुस्लिम समुदाय इबादत, रोजा और नेक अमल में जुटा रहता है. दुआ की जा रही है कि अल्लाह सभी के रोजे, नमाज और नेक अमल कबूल फरमाए और सभी को अच्छे स्वास्थ्य के साथ आगे भी रमजान के मुकद्दस महीने को देखने का मौका दे.

18 Mar, 20:18 (IST)

ईद-उल-फितर के मुबारक मौके पर शव्वाल के चांद को देखने के लिए वेधशालाओं में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. खगोलशास्त्री और विशेषज्ञ चांद की तलाश शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. मगरिब के बाद चांद देखने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके आधार पर ईद 2026 की तारीख का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा. दुनियाभर के मुसलमान इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

18 Mar, 20:17 (IST)

ईद-उल-फितर 2026 की तारीख तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अहम बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में देशभर से आए चांद दिखने से जुड़े इनपुट और रिपोर्टों पर विचार किया जा रहा है. बैठक के बाद आधिकारिक तौर पर ईद की तारीख का ऐलान किया जाएगा, जिसका दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय को बेसब्री से इंतजार है.

18 Mar, 20:15 (IST)

मक्का स्थित मस्जिद अल हरम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नमाज अदा करते नजर आए. काबा के सामने हजारों लोग एक साथ सजदा करते हुए दिखाई दिए, जिससे वहां का नजारा बेहद आध्यात्मिक और भावुक हो गया. आसमान में बादलों के बीच इबादत में लीन श्रद्धालुओं की यह तस्वीर रमजान के आखिरी दिनों की खास अहमियत को दर्शाती है, जहां लोग पूरी श्रद्धा के साथ इबादत में जुटे हुए हैं.

18 Mar, 20:12 (IST)

शाबान के चांद की पुष्टि को लेकर सुप्रीम कोर्ट की बैठक कुछ ही देर में शुरू होने वाली है. इस बैठक में चांद दिखने से संबंधित रिपोर्टों पर चर्चा की जाएगी. बैठक के बाद आधिकारिक ऐलान किया जाएगा, जिसके आधार पर इस्लामिक महीने की शुरुआत की तारीख तय होगी.

18 Mar, 20:02 (IST)

सऊदी अरब का तबूक क्षेत्र वह अंतिम स्थान है जहां पूरे देश में सबसे बाद में सूर्यास्त होता है. इसी वजह से यहां चांद देखने की प्रक्रिया भी सबसे आखिर में पूरी होती है. चांद दिखने को लेकर तबूक की रिपोर्ट बेहद अहम मानी जाती है, क्योंकि यहां से मिलने वाली जानकारी ईद-उल-फितर की तारीख तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

18 Mar, 20:01 (IST)

मक्का स्थित मस्जिद अल हरम का मताफ क्षेत्र इस समय पूरी तरह भर चुका है. उमरा और इबादत के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के चलते यहां भारी भीड़ देखने को मिल रही है. प्रशासन द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से अपनी इबादत पूरी कर सकें.

18 Mar, 19:47 (IST)

सऊदी अरब के तुमैर वेधशाला में शव्वाल के चांद को देखने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं. विशेषज्ञों और खगोलशास्त्रियों की टीम चांद के दीदार के लिए पूरी तरह तैयार है. मगरिब की नमाज के बाद यहां चांद देखने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके बाद मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर ईद-उल-फितर 2026 की तारीख का ऐलान किया जाएगा.

18 Mar, 19:46 (IST)

सऊदी अरब में ईद-उल-फितर के चांद की निगरानी के लिए और वेधशालाओं की सूची सामने आई है. देश के अलग-अलग हिस्सों में मोबाइल और स्थायी ऑब्जर्वेटरी के जरिए चांद देखने की व्यवस्था की गई है. तबूक में हलात अम्मार वेधशाला, बुरैदा, हाइल, दमाम और अल-हरीक में मोबाइल वेधशालाएं तैनात की गई हैं. इसके अलावा मजमाह यूनिवर्सिटी में यूनिवर्सिटी ऑब्जर्वेटरी भी चांद की निगरानी में अहम भूमिका निभाएगी. इन सभी स्थानों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर ईद की तारीख का अंतिम फैसला लिया जाएगा.

Read more


Eid 2026 Moon Sighting Live News Updates: दुनियाभर के करोड़ों मुस्लिम आज बुधवार 18 मार्च 2026 की शाम आसमान की ओर नजरें टिकाए हुए हैं, क्योंकि आज शव्वाल के चांद को देखने की कोशिश की जा रही है. इसी चांद के दिखने के साथ रमजान के पाक महीने का समापन होगा और ईद-उल-फितर 2026 की आधिकारिक शुरुआत तय होगी. अगर आज चांद नजर आता है तो ईद 19 मार्च गुरुवार को मनाई जाएगी, जबकि चांद न दिखने पर ईद 20 मार्च शुक्रवार को मनाई जाएगी. Eid Moon Sighting 2026 Saudi Arab and UAE: सऊदी अरब ने आज 18 मार्च को शव्वाल का चांद देखने की अपील की, दुबई में भी आज चांद देखने की होगी कोशिश

सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, बहरीन, इराक, यमन, फिलिस्तीन और अफगानिस्तान समेत कई देशों में आज 29वां रोजा यानी चांद रात है. वहीं यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और फ्रांस के कुछ समुदाय भी आज चांद देखने की कोशिश कर रहे हैं.

सऊदी अरब, यूएई और खाड़ी देशों में चांद देखने की तैयारी

सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों और निवासियों से मगरिब की नमाज के बाद चांद देखने की अपील की है. इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और बहरीन में भी धार्मिक संस्थाओं ने चांद देखने के लिए लोगों से अपील की है.

हालांकि इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर के अनुसार आज चांद का दिखना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि चांद जल्दी डूब जाएगा. फिर भी इस्लामिक परंपरा के अनुसार अंतिम फैसला चांद के प्रत्यक्ष दर्शन पर ही आधारित होगा.

यूके, अमेरिका, कनाडा और फ्रांस में अलग-अलग तारीखों की संभावना

पश्चिमी देशों जैसे यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, कनाडा और फ्रांस में ईद की तारीख को लेकर अलग-अलग मान्यताएं देखने को मिलती हैं. कुछ समुदाय सऊदी अरब के ऐलान का पालन करते हैं, जबकि कुछ स्थानीय चांद देखने या खगोलीय गणनाओं को प्राथमिकता देते हैं.

इसी वजह से इन देशों में कुछ लोग आज चांद देखने की कोशिश करेंगे, जबकि जिन लोगों ने 19 फरवरी से रोजा शुरू किया था, वे 19 मार्च को चांद देखने की कोशिश करेंगे.

भारत और पाकिस्तान में कब मनाई जाएगी ईद 2026

भारत और पाकिस्तान जैसे दक्षिण एशियाई देशों में रमजान एक दिन बाद शुरू हुआ था, इसलिए यहां चांद देखने की प्रक्रिया 19 मार्च को होगी. ऐसे में भारत और पाकिस्तान में ईद 21 मार्च या 22 मार्च को मनाई जा सकती है, जो चांद दिखने पर निर्भर करेगा.

जैसे-जैसे मध्य पूर्व में सूर्यास्त हो रहा है, पूरी दुनिया की नजरें सऊदी अरब की राजधानी रियाद से आने वाले आधिकारिक ऐलान पर टिकी हुई हैं, जो वैश्विक मुस्लिम समुदाय के लिए ईद की तारीख तय करने में अहम भूमिका निभाता है.

Share Now