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Congress Foundation Day 2023: कांग्रेस हुई 138 साल की! जानें इसका इतिहास, महत्व एवं इसके टूटन-विघटन की कहानी!

देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कांग्रेस पार्टी 28 दिसंबर 2023 को 138वीं जयंती मनाने की तैयारी कर रही है. कहते हैं जब कांग्रेस की स्थापना हुई. तब राजनीतिक पार्टी नहीं थी, इसका मूल उद्देश्य जन आंदोलन करना था, समय के साथ पार्टी का स्वरूप बदला, देश की आजादी में कांग्रेस ने अहम भूमिका निभाई, और भारत की पहली सरकार बनीं.

Congress Foundation Day 2023: कांग्रेस हुई 138 साल की! जानें इसका इतिहास, महत्व एवं इसके टूटन-विघटन की कहानी!
Congress Photo Credits PTI

देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कांग्रेस पार्टी 28 दिसंबर 2023 को 138वीं जयंती मनाने की तैयारी कर रही है. कहते हैं जब कांग्रेस की स्थापना हुई. तब राजनीतिक पार्टी नहीं थी, इसका मूल उद्देश्य जन आंदोलन करना था, समय के साथ पार्टी का स्वरूप बदला, देश की आजादी में कांग्रेस ने अहम भूमिका निभाई, और भारत की पहली सरकार बनीं. भारतीय कांग्रेस ने गांधी, लाजपत राय, सुभाष चंद्र बोस, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी एवं राजीव गांधी, मनमोहन सिंह जैसे पापुलर नेता दिया. भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में आज भी देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के रूप में कांग्रेस कायम है. आइये जानते हैं कांग्रेस की नींव कब, क्यों और कैसे पड़ी, तथा आजादी के 75 साल के सफर की कहानी संक्षिप्त में.

कब, कैसे और क्यों हुई कांग्रेस की स्थापना

कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में बॉम्बे के गोकुल दास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में हुई थी. उस समय कांग्रेस के संस्थापक एवं महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) एलन ऑक्टेवियन ह्यूम थे. उस समय इसके मुख्य संस्थापकों ह्यूम के अलावा दादा भाई नौरोजी और दिनशा वाचा थे. कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष पद के लिए व्योमेश चंद्र बनर्जी का नाम चुना गया. 19वीं सदी के अंतिम समय से 20वीं सदी तक कांग्रेस भारत की आजादी की लड़ाई में अपने डेढ़ करोड़ से अधिक सदस्यों और 7 करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केंद्रीय भागीदार बनी. यह भी पढ़ें : Datta Jayanti or Dattatreya Jayanti 2023: कब है दत्तात्रेय जयंती? जाने इस व्रत का महात्म्य, मुहूर्त-तिथि एवं पूजा-विधि!

कांग्रेस का इतिहास

15 अगस्त 1947 में देश को आजादी मिलने के पश्चात स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय कांग्रेस प्रमुख राजनीतिक पार्टी बनी. साल 1947 से साल 2014 तक 16 आम चुनावों में से कांग्रेस ने छ चुनाव बहुमत के साथ जीता और 4 में विभिन्न पार्टियों के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व किया. 49 वर्षों तक कांग्रेस पार्टी केंद्र में सरकार के रूप में कार्यरत रही. साल 1924 में बेलगाम में आयोजित वार्षिक सत्र में पहली और अंतिम बार महात्मा गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गये थे. 1947 में आजाद भारत के पहले कांग्रेस अध्यक्ष जेबी कृपलानी थे. वर्तमान में राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हैं. राष्ट्रीय कांग्रेस में अब तक 7 प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (1947-64), लाल बहादुर शास्त्री (1964-66) इंदिरा गांधी (1966-77,1980-84), राजीव गांधी (1984-89), पीवी नरसिम्हा राव (1991-96), और मनमोहन सिंह (2004-2014) देश की बागडोर संभाल चुके हैं. लेकिन 2014 के चुनाव में सबसे बुरा प्रदर्शन करते हुए 543 में से मात्र 44 सीट जीत सकी थी, इस हार के पीछे पार्टी पर कुछ आरोप आदि भी लगे थे.

कांग्रेस में टूटन-विघटन

* सर्वप्रथम मोतीलाल नेहरू ने चितरंजन दास के साथ मिलकर नई पार्टी स्वराज पार्टी का गठन किया.

* इसके बाद 1939 में सुभाष चंद्र बोस कांग्रेस से अलग एक नई पार्टी अखिल भारतीय फारवर्ड ब्लॉक बनाया.

* साल 1951 में जेबी कृपलानी ने कांग्रेस से अलग होकर किसान मजदूर प्रजा पार्टी का गठन किया.

* 1956 में कांग्रेस छोड़कर एनजी रंगा ने हैदराबाद स्टेट प्रजा पार्टी की स्थापना की.

* 1956 में सी राजगोपालाचारी ने कांग्रेस छोड़ और इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी का गठन किया.

* वर्ष 1959 में बिहार, राजस्थान, गुजरात और ओडिशा में कांग्रेस में सबसे बड़ा बिखराव हुआ.

* 1964 में केएम जार्ज केरल में कांग्रेस से अलग होकर केरल कांग्रेस नाम से नई पार्टी बनाई.

* 1967 में चौधरी चरण सिंह कांग्रेस से अलग होकर भारतीय क्रांति दल नाम से अलग पार्टी बनाई.

* प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को कांग्रेस ने 12 नवंबर 1969 को पार्टी से बर्खास्त कर दिया. इसके बाद इंदिरा गांधी ने कांग्रेस-आर और कांग्रेस आई नाम से नयी पार्टी का गठन किया. बाद में यह पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बनी.

* वीपी सिंह ने 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से अलग होकर जनमोर्चा नाम से नई पार्टी बनाई.

* 1999 में कांग्रेस में फिर बगावत हुई. शरद पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और जनता कांग्रेस, बीजू जनता दल पार्टी बनीं.

* जम्मू कश्मीर में मुफ़्ती मुहम्मद सईद ने PDP का गठन कर लिया.

* दो वर्ष पूर्व अमरिंदर सिंह ने पंजाब लोक कांग्रेस (Punjab Lok Congress) नाम से नई पार्टी बनाई.

* इस वर्ष गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस का साथ छोड़ नई पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी का गठन किया.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 27, 2023 09:09 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).