Shaban Mubarak Images and Status: इस्लामी कैलेंडर के आठवें महीने शाबान (Shaban 1447 AH) की शुरुआत हो चुकी है. भारत में कल यानी 20 जानेवारी से शुरू हो सकता है. मुस्लिम समुदाय के लिए यह महीना आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह पवित्र महीने रमजान के आगमन की पूर्व सूचना देता है. दुनिया भर में मुस्लिम इस महीने को इबादत, तौबा और आत्म-चिंतन के समय के रूप में मनाते हैं.
शाबान का धार्मिक महत्व और इतिहास
इस्लाम में शाबान को 'इबादत का द्वार' कहा जाता है. पैगंबर मुहम्मद (PBUH) इस महीने में कसरत से नफिल रोजे रखा करते थे. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शाबान वह महीना है जिसमें बंदों के कर्मों का लेखा-जोखा अल्लाह के दरबार में पेश किया जाता है. यह महीना मुस्लिमों को रमजान के कठिन उपवासों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करने का अवसर देता है.
शब-ए-बारात 2026: कब है 'मुकद्दर की रात'?
When Is Shab e Barat 2026: शाबान महीने की 15वीं रात को शब-ए-बारात (Shab-e-Barat) के रूप में मनाया जाता है. इसे 'क्षमा की रात' या 'मुकद्दर की रात' भी कहा जाता है. भारत और दक्षिण एशियाई देशों में चांद की स्थिति के अनुसार, इस वर्ष भारत में शब-ए-बारात 4 फरवरी 2026 की शाम से शुरू होने की संभावना है. इस रात लोग मस्जिदों और घरों में विशेष प्रार्थनाएं करते हैं और अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाकर उनके लिए दुआएं मांगते हैं.
रमजान की तैयारियों का आगाज
शाबान का महीना शुरू होते ही घरों में रमजान की तैयारियां भी तेज हो जाती हैं. यह महीना दान-पुण्य (सदका) करने और आपसी मतभेदों को भुलाकर क्षमा मांगने का संदेश देता है. विद्वानों के अनुसार, जो व्यक्ति शाबान में खुद को इबादत में ढाल लेता है, उसके लिए रमजान के रोजे और तरावीह की पाबंदी आसान हो जाती है.
शाबान मुबारक: अपनों को भेजें ये खास संदेश
Shaban Mubarak Quotes




शाबान एक भक्त को उस मानसिक अवस्था में पहुंचा देता है जहाँ वह रमजान के पवित्र उपवासों और रातों की लंबी इबादतों के लिए पूरी तरह तैयार होता है, जिससे समाज में प्रेम और भाईचारे की भावना सुदृढ़ होती है.













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