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आपके शैंपू, लोशन और साबुन में छिपा हो सकता है कैंसर का खतरा, स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

अगर आप भी हर दिन शैंपू, बॉडी लोशन, फेस वॉश या साबुन इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. अमेरिका में की गई एक ताजा रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, कई पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स में कैंसर पैदा करने वाला केमिकल 'फॉर्मल्डिहाइड' पाया गया है.

आपके शैंपू, लोशन और साबुन में छिपा हो सकता है कैंसर का खतरा, स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
Representational Image | Pixabay

अगर आप भी हर दिन शैंपू, बॉडी लोशन, फेस वॉश या साबुन इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. अमेरिका में की गई एक ताजा रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, कई पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स में कैंसर पैदा करने वाला केमिकल 'फॉर्मल्डिहाइड' पाया गया है, जो खासतौर पर ब्लैक और लैटिना महिलाओं द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे उत्पादों में मौजूद है.

क्या Aspirin कैंसर को फैलने से रोक सकती है? नई रिसर्च में हुआ ये खुलासा.

रिसर्च में क्या पाया गया?

यह अध्ययन Environmental Science & Technology Letters में प्रकाशित हुआ है, जिसमें 70 अश्वेत और लैटिना महिलाओं के ब्यूटी प्रोडक्ट्स की जांच की गई. महिलाओं ने एक ऐप के ज़रिए अपने प्रोडक्ट्स की सामग्री (इंग्रेडिएंट्स) की तस्वीरें साझा कीं और नतीजे डराने वाले निकले:

53% महिलाओं ने ऐसे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल किए जिनमें फॉर्मल्डिहाइड या उसे छोड़ने वाले केमिकल्स थे.

58% हेयरकेयर उत्पादों में यह खतरनाक तत्व मौजूद था.

यह केवल हेयर स्ट्रेटनर में ही नहीं बल्कि शैंपू, लोशन, बॉडी वॉश और आईलैश ग्लू जैसे रोज़मर्रा के उत्पादों में भी पाया गया.

फॉर्मल्डिहाइड क्या है और क्यों खतरनाक है?

फॉर्मल्डिहाइड एक मान्यता प्राप्त कैंसर कारक (carcinogen) है. अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) पहले ही इसे मानव स्वास्थ्य के लिए "अत्यधिक जोखिम वाला रसायन" बता चुकी है.

विशेषज्ञों की चेतावनी

डॉ. रॉबिन डॉडसन, जो इस रिसर्च की प्रमुख लेखिका हैं, कहती हैं, "ये केमिकल्स ऐसे उत्पादों में हैं जिन्हें हम रोज़ पूरे शरीर पर इस्तेमाल करते हैं. बार-बार संपर्क से इनका असर बढ़ता जाता है और गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है." वो यह भी बताती हैं कि उपभोक्ताओं के लिए ऐसे रसायनों को पहचानना मुश्किल है, क्योंकि ये छिपे हुए नामों से प्रोडक्ट्स में शामिल किए जाते हैं. जैसे – DMDM Hydantoin, Imidazolidinyl Urea, Diazolidinyl Urea आदि.

आप कैसे बचाव कर सकती हैं?

  • प्रोडक्ट खरीदने से पहले लेबल ध्यान से पढ़ें.
  • ऐसे प्रिज़रवेटिव से बचें जिनमें “-urea” या “-hydantoin” हो.
  • फॉर्मल्डिहाइड-फ्री, प्राकृतिक (Natural) या ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दें.
  • जब संभव हो तो घरेलू, कम केमिकल वाले विकल्प चुनें.

क्या सरकारें कुछ कर रही हैं?

2023 में अमेरिकी FDA ने फॉर्मल्डिहाइड पर देशभर में बैन का सुझाव दिया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है. यूरोपीय संघ और कुछ अमेरिकी राज्यों में इस पर आंशिक प्रतिबंध लगाए गए हैं. डॉ. डॉडसन कहती हैं: "सबसे सही तरीका यही है कि कंपनियां शुरुआत से ही ऐसे केमिकल्स का इस्तेमाल करना बंद करें."

ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल ज़रूरी है, लेकिन स्वस्थ त्वचा और बालों से ज्यादा जरूरी है स्वस्थ जीवन. जानकारी ही सुरक्षा है, इसलिए अगली बार कोई शैंपू, लोशन या साबुन खरीदें, तो उसके सामग्री की जांच जरूर करें.

(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2025 10:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).