12 Rabi Ul Awal 2025: इस वर्ष कब मनाया जाएगा रबी-उल-अव्वल का पर्व? मुसलमानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह त्योहार? और कैसे करते हैं सेलिब्रेशन!
इस साल 2025 में रबी-उल-अव्वल का महीना 24 अगस्त 2025 को शुरू होने और 4 सितंबर 2025 को मनाये जाने की उम्मीद जताई जा रही है, चूँकि इस्लामी कैलेंडर एक चंद्र कैलेंडर है, इसलिए यह तिथि चाँद के दिखने पर मुकर्रर की जाती है. गौरतलब है कि ईद मिलाद उन नबी इस्लामी पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का जन्मदिन है, जो हर साल इस्लामी तारीख रबी उल अव्वल 12 वें महीने में मनाई जाती है.
इस साल 2025 में रबी-उल-अव्वल (Rabi Ul Awal) का महीना 24 अगस्त 2025 को शुरू होने और 4 सितंबर 2025 को मनाये जाने की उम्मीद जताई जा रही है, चूँकि इस्लामी कैलेंडर एक चंद्र कैलेंडर है, इसलिए यह तिथि चाँद के दिखने पर मुकर्रर की जाती है. गौरतलब है कि ईद मिलाद उन नबी इस्लामी पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का जन्मदिन है, जो हर साल इस्लामी तारीख रबी उल अव्वल 12 वें महीने में मनाई जाती है. अधिकांश इस्लामी विद्वान इस बात से सहमत हैं कि पैगंबर मुहम्मद (PBUH) का जन्म 12 रबी उल अव्वल को मक्का में हुआ था। अरबी दुनिया में इसे मौलिद उन-नबवी कहा जाता है. 12 रबी उल अव्वल 2025 की सही तारीख आपके स्थान और रबी उल अव्वल 1447 की शुरुआत को चिह्नित करने वाले चाँद के दिखने के आधार पर भिन्न भी हो सकती है. यह भी पढ़ें : Varaha Jayanti 2025: विष्णुजी ने वराह का अवतार कब और क्यों लिया था? जानें वराह जयंती की कथा, मुहूर्त, एवं पूजा विधि के बारे में!
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार रबी उल अव्वल (इस्लामी कैलेंडर का तीसरा महीना) के दिन पैगंबर मुहम्मद साहब का जन्मदिन मनाया जाता है. इस अवसर पर मुसलमान उनकी शिक्षाओं, उनके अखलाक और उनके द्वारा फैलाई इस्लामिक मूल्यों यानी करुणा, ईमानदारी, धैर्य, दया और न्याय आदि को याद करते हैं. इस दिन मस्जिदों और घरों में विशेष दुआ, नात एवं तकरीर पढ़ी जाती हैं, इससे मुसलमानों को उनके जीवन से सीखने और अपनी आस्था को मजबूत करने का अवसर मिलता है, साथ ही इस अवसर पर इस्लामी समुदाय के लोग एकजुट होकर जुलूस, इबादत और सेवाभाव के कार्य करते है. बहुत सी जगहों पर इस दिन गरीबों को खाना खिलाते हैं या जरूरतमंदों की मदद करते हैं. जहां तक इस पर्व के आध्यात्मिक महत्व की बात है तो मुसलमान मानते हैं कि पैगंबर मुहम्मद मानवता के लिए रहमतुल-लिल-आलमीन थे, इसलिए उनका जन्मदिन एक आध्यात्मिक महत्व रखता है. संयोगवश इसी दिन पैगंबर मुहम्मद का निधन भी हुआ था.
रबी-उल-अव्वल सेलिब्रेशन
इस अवसर पर घरों एवं मस्जिदों को रौशन किया जाता है. धार्मिक सभाएं और पैगंबर मुहम्मद की सीरत पर व्याख्यान दिये जाते हैं, नात और कुरान पढ़े जाते हैं. गरीबों को भोजन कराते हैं, और सामर्थ्य अनुसार दान करते हैं. इस अवसर पर कई देशों में शांति मार्च निकाले जाते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 24, 2025 10:04 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

