Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू का तलाक़ विवाद, जानें उनकी संपत्ति और पहली पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन के बारे में, जिससे वे अलग होना चाहते हैं
जोहो कॉर्पोरेशन के संस्थापक श्रीधर वेम्बू और उनकी पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन के बीच कानूनी लड़ाई और तेज हो गई है। कैलिफोर्निया की एक अदालत ने संपत्ति विवाद और पारदर्शिता की कमी का हवाला देते हुए वेम्बू को $1.7 बिलियन (लगभग ₹15,278 करोड़) का बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया है.
Zoho Founder Sridhar Vembu Divorce Battle: प्रसिद्ध सॉफ्टवेयर कंपनी 'जोहो कॉर्पोरेशन' (Zoho Corporation) के संस्थापक श्रीधर वेम्बू और उनकी पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन के बीच चल रहे तलाक के मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है. कैलिफोर्निया की एक अदालत ने हालिया सुनवाई में श्रीधर वेम्बू को लगभग 1.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 15,278 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम बॉन्ड जमा करने का निर्देश दिया है. अदालत का यह आदेश संपत्ति के कथित गुप्त हस्तांतरण को रोकने और प्रमिला के कानूनी अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से दिया गया है.
विवाद की जड़: 15,000 करोड़ रुपये का बॉन्ड
यह कानूनी विवाद तब और गहरा गया जब प्रमिला श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि श्रीधर वेम्बू ने उनकी जानकारी के बिना जोहो कॉर्पोरेशन के बड़े हिस्से के शेयरों को अपने भाई और बहन के नाम ट्रांसफर कर दिया। प्रमिला का दावा है कि कैलिफोर्निया के 'कम्युनिटी प्रॉपर्टी' कानून के तहत, शादी के दौरान अर्जित संपत्ति पर दोनों का आधा अधिकार है. यह भी पढ़े: Virender Sehwag, Aarti Ahlawat Divorce Rumours: वीरेंद्र सहवाग और आरती अहलावत के तलाक की अटकलें तेज, जन्मदिन की फैमिली फोटो और दिवाली पोस्ट से गायब दिखीं पत्नी
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वेम्बू ने वित्तीय पारदर्शिता नहीं दिखाई है और संपत्तियों को अमेरिका से बाहर स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया है। हालांकि, वेम्बू की कानूनी टीम ने इस आदेश को 'त्रुटिपूर्ण' बताते हुए इसके खिलाफ अपील दायर की है.
कौन हैं प्रमिला श्रीनिवासन?
प्रमिला श्रीनिवासन केवल श्रीधर वेम्बू की पूर्व पत्नी ही नहीं, बल्कि खुद भी एक जानी-मानी पेशेवर और उद्यमी हैं.
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शिक्षा: उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित पर्ड्यू यूनिवर्सिटी (Purdue University) से इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पीएचडी की है.
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करियर: वह हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी 'MedicalMine' की सीईओ हैं और कई डिजिटल हेल्थ परियोजनाओं का नेतृत्व कर चुकी हैं.
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सामाजिक कार्य: प्रमिला 'द ब्रेन फाउंडेशन' की अध्यक्ष हैं, जो ऑटिज्म (Autism) के क्षेत्र में शोध और सहायता प्रदान करता है. उनका बेटा भी ऑटिज्म से ग्रसित है, जिसके कारण वह इस मुद्दे पर काफी सक्रिय रहती हैं.
श्रीधर वेम्बू की कुल संपत्ति
2026 की शुरुआत तक, विभिन्न वेल्थ ट्रैकर्स के अनुसार श्रीधर वेम्बू की कुल संपत्ति (Net Worth) लगभग $3.5 बिलियन से $4 बिलियन के बीच आंकी गई है। उनकी संपत्ति का मुख्य स्रोत 'जोहो' में उनकी हिस्सेदारी है, जो बिना किसी बाहरी निवेश (Bootstrapped) के दुनिया की सबसे बड़ी सास (SaaS) कंपनियों में से एक बन गई है.
वेम्बू अपनी "सादगीपूर्ण" जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं. 2019 में सिलिकॉन वैली छोड़कर वह तमिलनाडु के तेनकासी जिले के एक छोटे से गांव में बस गए थे. वहां से वे जोहो का संचालन करने के साथ-साथ ग्रामीण शिक्षा और विकास के कार्यों में जुड़े हुए हैं.
मामले का पिछला संदर्भ
यह विवाद 2021 में तब सार्वजनिक हुआ जब श्रीधर वेम्बू ने तलाक की अर्जी दी. प्रमिला ने आरोप लगाया कि वेम्बू ने उन्हें और उनके विशेष जरूरतों वाले बेटे को अमेरिका में अकेला छोड़ दिया। दूसरी ओर, वेम्बू ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा अपने परिवार का आर्थिक रूप से समर्थन किया है और कंपनी के शेयरों का बंटवारा व्यापारिक रणनीतियों और परिवार की शुरुआत से जुड़ी भागीदारी के आधार पर किया गया था.
फिलहाल, यह मामला कैलिफोर्निया के न्यायालय में विचाराधीन है. भारतीय तकनीकी जगत की निगाहें इस फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि यह केस प्राइवेट कंपनियों के शेयरहोल्डिंग पैटर्न और अंतरराष्ट्रीय संपत्ति विवादों के लिए एक बड़ा उदाहरण बन सकता है.