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World Environment Day 2021: विश्व पर्यावरण दिवस पर बोले PM मोदी- इथेनॉल 21वीं सदी के भारत की प्राथमिकता

विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में 2020-2025 के दौरान इथेनॉल सम्मिश्रण से संबंधित रोडमैप के बारे में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जारी की. कार्यक्रम में पीएम मोदी ने किसानों से भी संवाद किया. आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावडेकर व केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे.

World Environment Day 2021: विश्व पर्यावरण दिवस पर बोले PM मोदी- इथेनॉल 21वीं सदी के भारत की प्राथमिकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credits: ANI)

World Environment Day 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ (World Environment Day) कार्यक्रम में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने “भारत में 2020-2025 के दौरान इथेनॉल (Ethanol) सम्मिश्रण से संबंधित रोडमैप के बारे में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट” जारी की.  कार्यक्रम में पीएम मोदी ने किसानों से भी संवाद किया. आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावडेकर व केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे. इस दौरान उन्होंने ई-100 पायलट परियोजना का शुभारंभ भी किया. पीएम मोदी ने कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत ने एक और बड़ा कदम उठाया है. इथेनॉल सेक्टर के विकास के लिए एक विस्तृत रोडमैप अभी जारी हुआ है. देशभर में इथेनॉल के उत्पादन और वितरण से जुड़ा महत्वाकांक्षी E-100 पायलट प्रोजेक्ट भी पुणे में लॉन्च किया गया है.

क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों के प्रति भारत है जागरूक

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘क्लाइमेट चेंज की वजह से जो चुनौतियां सामने आ रही हैं, भारत उनके प्रति जागरूक भी है और सक्रियता से काम भी कर रहा है. अब इथेनॉल, 21वीं सदी के भारत की बड़ी प्राथमिकताओं से जुड़ गया है. इथेनॉल पर फोकस से पर्यावरण के साथ ही एक बेहतर प्रभाव किसानों के जीवन पर भी पड़ रहा है. आज हमने पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को 2025 तक पूरा करने का संकल्प लिया है.’

सोलर पावर आधारित बनाये जा रहे एयरपोर्ट्स

कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि जलवायु की रक्षा के लिए, पर्यावरण की रक्षा के लिए हमारे प्रयासों का संगठित होना बहुत जरूरी है. देश का एक-एक नागरिक जब जल-वायु और जमीन के संतुलन को साधने के लिए एकजुट होकर प्रयास करेगा, तभी हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित पर्यावरण दे पाएंगे. आज देश के रेलवे नेटवर्क के एक बड़े हिस्से का बिजलीकरण किया जा चुका है. देश के एयरपोर्ट्स को भी तेजी से सोलर पावर आधारित बनाया जा रहा है। 2014 से पहले तक सिर्फ 7 एयरपोर्ट्स में सोलर पावर की सुविधा थी, जबकि आज ये संख्या 50 से ज्यादा हो चुकी है.

इथेनॉल से पड़ रहा किसानों के जीवन पर प्रभाव

इथेनॉल के विषय पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब इथेनॉल, 21वीं सदी के भारत की बड़ी प्राथमिकताओं से जुड़ गया है. इथेनॉल पर फोकस से पर्यावरण के साथ ही एक बेहतर प्रभाव किसानों के जीवन पर भी पड़ रहा है. आज हमने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को 2025 तक पूरा करने का संकल्प लिया है. 21वीं सदी के भारत को, 21वीं सदी की आधुनिक सोच, आधुनिक नीतियों से ही ऊर्जा मिलेगी. इसी सोच के साथ हमारी सरकार हर क्षेत्र में निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है। 21वीं सदी के भारत को, 21वीं सदी की आधुनिक सोच, आधुनिक नीतियों से ही ऊर्जा मिलेगी इसी सोच के साथ हमारी सरकार हर क्षेत्र में निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है. यह भी पढ़ें: World Environment Day 2021: प्रधानमंत्री मोदी बोले- रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के मामले में भारत दुनिया के टॉप 5 देशों में, इथेनॉल क्षेत्र के विकास के लिए विस्तृत रोडमैप जारी

इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों एक साथ चल सकती हैं: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत, दुनिया के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है कि जब पर्यावरण की रक्षा की बात हो, तो जरूरी नहीं कि ऐसा करते हुए विकास के कार्यों को भी अवरुद्ध किया जाए. इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों एक साथ चल सकती हैं, आगे बढ़ सकती हैं, भारत ने यही रास्ता चुना है. जलवायु की रक्षा के लिए, पर्यावरण की रक्षा के लिए हमारे प्रयासों का संगठित होना बहुत जरूरी है. देश का एक-एक नागरिक जब जल-वायु और जमीन के संतुलन को साधने के लिए एकजुट होकर प्रयास करेगा, तभी हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित पर्यावरण दे पाएंगे.

जलवायु की रक्षा के लिए, पर्यावरण की रक्षा के लिए हमारे प्रयासों का संगठित होना बहुत जरूरी है.  देश का एक-एक नागरिक जब जल-वायु और जमीन के संतुलन को साधने के लिए एकजुट होकर प्रयास करेगा, तभी हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित पर्यावरण दे पाएंगे.

पर्यावरण की सुरक्षा के लिए संगठित होना जरूरी

जलवायु की रक्षा के लिए, पर्यावरण की रक्षा के लिए हमारे प्रयासों का संगठित होना बहुत जरूरी है. देश का एक-एक नागरिक जब जल-वायु और जमीन के संतुलन को साधने के लिए एकजुट होकर प्रयास करेगा, तभी हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित पर्यावरण दे पाएंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 05, 2021 02:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).