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VIDEO: कौन हैं 'ग्रैंड मुफ्ती ऑफ इंडिया'? जिनके प्रयासों से यमन में रुकी भारतीय नर्स Nimisha Priya की फांसी, जानें Abubakar Musliyar के बारे में सबकुछ

यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी की सजा पर फिलहाल रोक लग गई है. इसके पीछे एक 94 वर्षीय बुजुर्ग मुस्लिम धर्मगुरु की चुपचाप की गई कोशिशें बड़ा कारण बनी हैं.

VIDEO: कौन हैं 'ग्रैंड मुफ्ती ऑफ इंडिया'? जिनके प्रयासों से यमन में रुकी भारतीय नर्स Nimisha Priya की फांसी, जानें Abubakar Musliyar के बारे में सबकुछ
Photo- @ChougleKhalid/X

Who is ‘Grand Mufti of India': यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी की सजा पर फिलहाल रोक लग गई है. इसके पीछे एक 94 वर्षीय बुजुर्ग मुस्लिम धर्मगुरु की चुपचाप की गई कोशिशें बड़ा कारण बनी हैं. केरल के कोझिकोड निवासी और ‘ग्रैंड मुफ्ती ऑफ इंडिया’ कहे जाने वाले कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार (आधिकारिक नाम शेख अबूबकर अहमद) ने यमन के धार्मिक नेताओं से संपर्क कर इस संवेदनशील मामले में इंसानियत और इस्लामी दया की दुहाई दी, जिसके चलते फांसी पर रोक लगाने का फैसला लिया गया.

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94 साल के मुस्लिम धर्मगुरु की पहल से रुकी भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी

क्या है पूरा मामला?

केरल की रहने वाली निमिषा प्रिया को 2017 में एक यमनी नागरिक तालाल अब्दो महदी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. यमन की कोर्ट ने 2020 में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी. इसके बाद 2023 में हौथी प्रशासन के सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल ने भी बरकरार रखा. लेकिन अब मामला इंसानियत और धार्मिक संवाद से एक नई दिशा में बढ़ रहा है.

मुसलियार की पहल

इस्लामी कानून के जानकार 94 साल के मुफ्ती मुसलियार ने यमन के प्रमुख धार्मिक स्कॉलर्स से संपर्क कर "माफी और मुआवजे" (ब्लड मनी) के इस्लामी सिद्धांत की बात रखी. उन्होंने बताया कि इस्लाम में अगर मृतक का परिवार चाहे तो मुआवजा लेकर आरोपी को माफ कर सकता है. उन्होंने कहा, "इस्लाम इंसानियत को बहुत महत्व देता है. मैंने वहां के स्कॉलर्स से निवेदन किया और उन्होंने हमें सूचित किया कि फांसी की तारीख टाल दी गई है."

परिवार से बातचीत का रास्ता खुला

निमिषा की मां इस समय यमन में हैं और पीड़ित परिवार से बातचीत कर रही हैं. ताकि माफी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके. भारत सरकार और नागरिकों के एक समूह की ओर से भी इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यमन में हौथी प्रशासन के साथ भारत के औपचारिक राजनयिक संबंध न होने के कारण स्थिति काफी जटिल बनी हुई थी.

केंद्र सरकार को दी जानकारी

मुसलियार ने बताया कि उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय को भी दी है और उनके प्रयासों को अब औपचारिक समर्थन मिलने की उम्मीद है.

मुसलियार का यह कदम इस बात का उदाहरण है कि कैसे बिना राजनयिक औपचारिकताओं के भी संवाद और धार्मिक सोच के जरिए एक जिंदगी को बचाने की दिशा में ठोस काम हो सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 17, 2025 12:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).