Who Is Sunetra Ajit Pawar? सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की बन सकती हैं डिप्टी CM, जानें उनकी शिक्षा, समाजसेवा और उनसे जुड़ी अन्य अहम जानकारी

महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा जा रहा है. अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेंगी. जानिए उनकी शिक्षा, सामाजिक कार्यों और राजनीतिक सफर के बारे में

(Photo Credits Twitter)

Who Is Sunetra Ajit Pawar? महाराष्ट्र के राजनीतिक पटल पर आज एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता रहे स्वर्गीय अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार आज राज्य की नई उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी. वे इस पद पर बैठने वाली महाराष्ट्र की पहली महिला होंगी. 28 जनवरी को एक विमान हादसे में अजित पवार के असामयिक निधन के बाद, पार्टी ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सुनेत्रा पवार पर भरोसा जताया है.

शिक्षा और शुरुआती जीवन

सुनेत्रा पवार का जन्म 18 अक्टूबर 1963 को उस्मानाबाद (अब धाराशिव) के एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार में हुआ था. उनके पिता पद्मसिंह पाटिल राज्य के पूर्व मंत्री और लोकसभा सांसद रह चुके हैं. यह भी पढ़े:  Mumbai NCP Meeting: मुंबई में एनसीपी विधायकों की दोपहर 2 बजे बैठक, सुनेत्रा पवार चुनी जा सकती हैं विधायक दल की नेता

सामाजिक और व्यावसायिक योगदान

राजनीति में सक्रिय होने से पहले सुनेत्रा पवार ने समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है.

राजनीतिक सफर-उपलब्धियां

सुनेत्रा पवार लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर बारामती में सामाजिक कार्य और चुनावों का प्रबंधन संभालती रहीं, लेकिन हाल के वर्षों में वे सक्रिय राजनीति के केंद्र में आई हैं.

  1. लोकसभा चुनाव 2024: उन्होंने बारामती लोकसभा सीट से अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा था. हालांकि वे यह चुनाव हार गईं, लेकिन इसने उनकी सक्रिय राजनीतिक पारी की शुरुआत की.

  2. राज्यसभा सांसद: हार के बाद जून 2024 में उन्हें राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया. वर्तमान में वे राज्यसभा सांसद हैं.

  3. उपमुख्यमंत्री पद: अजित पवार के निधन के बाद पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने के लिए आज उन्हें विधायक दल का नेता चुना जाना है

विरासत की चुनौती

सुनेत्रा पवार को प्यार से महाराष्ट्र में 'वाहिनी' (भाभी) कहा जाता है. उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अजित पवार की राजनीतिक विरासत को संभालना और आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को एकजुट रखना होगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि सरकार उनके हर निर्णय का समर्थन करेगी.

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