कौन है अंशिका सिंह? गोरखपुर में बर्थडे पार्टी में फायरिंग के बाद हुई गिरफ्तारी; ब्लैकमेलिंग और फिरौती के बड़े रैकेट का खुलासा
अंशिका सिंह (Photo Credits: X/@NCIBHQ)

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोरखपुर (Gorakhpur) में मंगलवार, 20 जनवरी की रात सिंघड़िया इलाके में सड़क पर जन्मदिन मनाना एक महिला को भारी पड़ गया. आरोपी महिला, जिसकी पहचान अंशिका सिंह (Anshika Singh) के रूप में हुई है, पर आरोप है कि उसने आपसी विवाद के दौरान पिस्टल से फायरिंग की, जिससे एक युवक घायल हो गया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जो खुलासे किए हैं, वे चौंकाने वाले हैं. अंशिका सिंह न केवल फायरिंग, बल्कि 'हनी ट्रैप', ब्लैकमेलिंग और लग्जरी गाड़ियों की चोरी के एक बड़े नेटवर्क की मुख्य कड़ी बताई जा रही है. यह भी पढ़ें: Who Is Aditya Singh? यूपी में न्यायिक फेरबदल के बाद आदित्य सिंह का ट्रांसफर, अब संभल में CJM की जिम्मेदारी आदित्य सिंह संभालेंगे; यहां जानें उनके बारे में

बर्थडे पार्टी में खूनी संघर्ष

घटना कैंट थाना क्षेत्र के सिंघड़िया के पास एक मॉडल शॉप की है. अंशिका सिंह अपने दोस्तों के साथ सड़क पर केक काटकर जन्मदिन मना रही थी. इसी दौरान एक निजी अस्पताल के मैनेजर विशाल मिश्रा वहां पहुंचे. पुलिस के अनुसार, विशाल की पत्नी पर अंशिका के कथित प्रभाव को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हुई.

विवाद इतना बढ़ा कि अंशिका ने पिस्टल निकाल ली. वहां मौजूद लोगों ने जब उसे रोकने की कोशिश की, तो गोली चल गई. गोली विशाल के सहयोगी अमिताभ निषाद के पेट में लगी. घायल को तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो का कहना है कि अंशिका सिंह एक धोखेबाज है

ब्लैकमेलिंग और 'हनी ट्रैप' का बड़ा नेटवर्क

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अंशिका के काले कारनामों की परतें खुलने लगीं. विशाल मिश्रा ने आरोप लगाया कि अंशिका और उसके साथियों ने पहले भी उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 50,000 रुपये वसूले थे. पुलिस को अंशिका के फोन से ऐसे कई वीडियो और कॉल रिकॉर्ड्स मिले हैं, जो उसके 'हनी ट्रैप' और ब्लैकमेलिंग रैकेट की पुष्टि करते हैं.

नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (NCIB) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि अंशिका एक पेशेवर ठग (Con Artist) है. इंस्टाग्राम पर उसके लगभग 7,50,000 फॉलोअर्स हैं. उसका मुख्य काम लोगों को प्रेम जाल में फंसाना और फिर झूठे मुकदमों की धमकी देकर मोटी रकम वसूलना था. रिपोर्ट के मुताबिक, उसके शिकार होने वालों में कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

पुराना आपराधिक रिकॉर्ड: 'थार' चोरी मामला

अंशिका सिंह पुलिस के लिए कोई नया नाम नहीं है. अक्टूबर 2025 में उसके खिलाफ महिंद्रा थार एसयूवी चोरी करने का मामला दर्ज किया गया था. जांच में पता चला कि उसने दिल्ली से एक थार रेंट पर ली और फिर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसे गायब कर दिया. उसके दो साथी पहले ही पकड़े जा चुके थे, लेकिन अंशिका तब से फरार चल रही थी. जन्मदिन की रात हुई फायरिंग ने उसे पुलिस की गिरफ्त में पहुंचा दिया. यह भी पढ़ें: Kanpur Shocker: कानपुर में सनसनीखेज वारदात, पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा पति, पुलिस के सामने कबूला जुर्म; जानें अपराध की वजह

पुलिस की कार्रवाई और अपील

गोरखपुर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल जब्त कर ली है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. फिलहाल अंशिका और उसके दो सहयोगी न्यायिक हिरासत में हैं. पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई अन्य व्यक्ति भी इसके ब्लैकमेलिंग रैकेट का शिकार हुआ है, तो वह बिना डरे सामने आए ताकि इस शातिर अपराधी के खिलाफ केस और मजबूत किया जा सके.