National Youth Day 2024: ‘यदि दुनिया युवाओं द्वारा निर्देशित होती, तो यह एक बेहतर जगह होती. वे ही सबसे अधिक जीवंत, आदर्शवादी और ऊर्जावान हैं.’ स्वामी विवेकानंद के ऐसे ही विचारों एवं सिद्धांतों को ध्यान में रखकर भारत सरकार ने उनकी जयंती 12 जनवरी की तारीख को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में समर्पित किया. राष्ट्रीय युवा दिवस भारतीयों के अधिकारों के बारे में जागरूकता लाने एवं शिक्षा प्रदान करता है. यह दिन आम लोगों को उचित और समझदारी भरा व्यवहार करने के लिए प्रोत्साहित करने का दिन है. इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करके स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों के साथ देश का सुनहरा भविष्य तैयार करना है. आइये जानते हैं, राष्ट्रीय युवा दिवस के इतिहास, महत्व एवं सेलिब्रेशन के बारे में..
राष्ट्रीय युवा दिवस का इतिहास
साल 1984 में भारत सरकार ने स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन यानी 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की और इस प्रकार पहला राष्ट्रीय युवा दिवस वर्ष 1985 में मनाया गया. इसके बाद से देश भर में इस दिन राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को विवेकानंद के जीवन और विचारों से प्रेरित कर देश का बेहतर भविष्य बनाना और उनकी शाश्वत ऊर्जा को जगाने और देश को प्रगति के मार्ग पर ले जाने का है. यह भी पढ़े: International Youth Day 2023: कब और क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, उद्देश्य एवं सेलिब्रेशन!
राष्ट्रीय युवा दिवस का उद्देश्य
स्वामी विवेकानंद धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान, साहित्य सभी के ज्ञाता थे. यही नहीं स्वामी जी भारतीय संगीत के भी ज्ञानी और बेहद अच्छे खिलाड़ी भी थे. उनकी इन्हीं विशेषताओं के कारण उनका व्यक्तित्व हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्त्रोत रहा है. उन्होंने तमाम अवसरों पर युवाओं के लिए अपने अनमोल विचार भी साझा किए. इस दिवस का एक उद्देश्य यह भी था कि युवा वर्ग यह सोच सके कि वह देश और समाज के लिए क्या-क्या कर सकते हैं. साथ ही उन्हें यह सोचने का भी अवसर देता है कि वह देश के विकास और प्रगति में कैसे अपना योगदान दे सकते हैं.
राष्ट्रीय युवा दिवस सेलिब्रेशन
राष्ट्रीय युवा दिवस या स्वामी विवेकानंद की जयंती पर प्रत्येक वर्ष भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के अनुसार रामकृष्ण मठ, रामकृष्ण मिशन और उनकी शाखाओं के तमाम केंद्रों पर बड़े उत्साह एवं खुशी के साथ मनाया जाता है. इस अवसर पर मंगल आरती, भक्ति गीत, ध्यान, धार्मिक भाषण, संध्या आरती आदि किये जाते हैं. इसके साथ ही सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर स्कूलों, कॉलेजों में परेड, स्वामी विवेकानंद पर निबंध, भाषण, डिबेट्स, सेमिनार आयोजित किये जाते हैं, जिसमें देश भर के युवा भाग लेते हैं, और विजेताओं को पुरस्कृत किया जाता है. युवाओं की शाश्वत एवं शैक्षिक ऊर्जा को जागृत करने के साथ-साथ देश को विकसित करने का यह सुनहरा अवसर होता है.













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