पश्चिम बंगाल (West Bengal) भी इस वक्त देश के अन्य राज्यों की भांति कोरोना वायरस से जंग लड़ रहा है. इस काम में कोरोना योद्धा सबसे आगे हैं. जो लोगों के इलाज में दिनरात जुटे हैं. वहीं राज्य में कोरोना पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने डोर टू डोर जांच शुरू किया है. लेकिन पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी नगर निगम (Siliguri Municipal Corporation) के बाहर सोमवार को अलग ही नजारा देखने को मिला. जहां पर सिलीगुड़ी नगर निगम के तहत काम करने वाले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी, जो डोर टू डोर COVID-19 सर्वेक्षण करने वाले कर्मचारियों ने सैलरी जो की लेट है और राज्य द्वारा घोषित मानदेयव को लेकर विरोध प्रदर्शन पर उतर गए. अपनी मांगो को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सिलिगुड़ी में नागरिक निकाय कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.
बता दें कि इस विरोध प्रदर्श ने बाद सरकार की तरफ से उन्हें किया आश्वासन दिया गया है. इसकी पुष्टि तो नहीं है. लेकिन अपनी मांग को लेकर इन लोगों का गुस्सा उस वक्त फूटा है जब राज्य कोरोना से दो दो हाथ कर रहा है. इनकी मांग है कि इनकी तनख्वाह जो अब तक नहीं है आई उसे दिया जाए और और राज्य द्वारा घोषित मानदेयव भी तुरंत रिलीज करें.
ANI का ट्वीट:-
West Bengal: Contractual health workers, working under Siliguri Municipal Corporation, who conduct door to door #COVID19 survey, protest outside civic body office in Siliguri, demanding the immediate release of their delayed salaries & the honorarium announced by the state govt pic.twitter.com/OrL0CZVHYq
— ANI (@ANI) August 24, 2020
गौरतलब हो कि पश्चिम बंगाल में रविवार को कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक 3,274 नए मामले आने से संक्रमितों की संख्या 1,38,870 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक बुलेटिन में बताया गया कि संक्रमण से 57 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 2794 हो गयी है. बुलेटिन में कहा गया कि शनिवार से 3048 मरीज ठीक हो गए. राज्य में वर्तमान में 28,069 मरीजों का उपचार चल रहा है. पिछले 24 घंटे में 37,149 नमूनों की जांच की गयी.












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