West Bengal: बंगाल में बिना प्रिस्क्रिप्शन के बिक रही एंटीबायोटिक दवाइयां, स्वास्थ्य विभाग करेगा कार्रवाई
पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य ? अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में निर्णय कई रिपोर्टों और निष्कर्षों के बाद लिया गया है जो मानव शरीर में कई दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया की बढ़ती वृद्धि की ओर इशारा करते हैं.
कोलकाता, 27 नवंबर : पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में खुदरा दवा दुकानों में बिना प्रिस्क्रिप्शन एंटीबायोटिक दवाओं की बड़े पैमाने पर बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है. राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में निर्णय कई रिपोर्टों और निष्कर्षों के बाद लिया गया है जो मानव शरीर में कई दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया की बढ़ती वृद्धि की ओर इशारा करते हैं. साथ ही, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कृषि फार्मों, पोल्ट्री, हैचरी और मछलीपालन फार्मों में एंटीबायोटिक पदार्थों के बड़े पैमाने पर उपयोग की निगरानी के लिए राज्य पशुपालन विभाग के साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया है.
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''एंटीबायोटिक दवाओं का बेतहाशा इस्तेमाल एक दुष्चक्र बन गया है. एक बार जब मानव शरीर में एंटीबायोटिक दवाओं के एक निश्चित स्तर के लिए कुछ दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया विकसित हो जाते हैं, तो लोग एंटीबायोटिक दवाओं की मजबूत खुराक का सहारा लेने लगते हैं. इस चक्र के चलते मानव शरीर में कई दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया की वृद्धि हो रही है. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि खुदरा केमिस्ट और मेडिकल का एक वर्ग बिना किसी प्रिस्क्रिप्शन के एंटीबायोटिक दवाएं बेच रहे है. हमने अब इस मामले में सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है.''' यह भी पढ़ें : Man Ki Baat: 26/11 को लेकर ‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी, ‘इसे कभी नहीं भूल सकता’
उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान शुरू करने का भी निर्णय लिया है ताकि लोगों को डॉक्टरों की सलाह के अनुसार एंटीबायोटिक दवाओं के उचित उपयोग के बारे में जागरूक किया जा सके और डॉक्टरों द्वारा निर्धारित एंटीबायोटिक दवाओं की खुराक भी पूरी की जा सके.
राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने कहा, ''उचित नुस्खे के बिना एंटीबायोटिक दवाएं खरीदने के अलावा, अक्सर लोग सही उपचार के लिए एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यक खुराक पूरी नहीं कर रहे हैं. ऐसी चीजें जटिलताओं को और बढ़ाती हैं और इसलिए इस संबंध में सार्वजनिक जागरूकता पैदा करना आवश्यक है. हमारी ओर से कोई भी प्रयास तब तक सफल नहीं होगा जब तक लोग एंटीबायोटिक दवाओं के बड़े पैमाने पर और अवैज्ञानिक उपयोग के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक नहीं होंगे.''
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2023 12:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

