West Bengal Budget 2026: ममता बनर्जी का महिलाओं को तोहफा, बजट में ‘लक्ष्मी भंडार’ की राशि बढ़ाई, जानें अब कितने रुपये मिलेंगे

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2026-27 के अंतरिम बजट को 'जनता का बजट' बताते हुए केंद्र सरकार पर योजनाओं का फंड रोकने का आरोप लगाया. बजट में 'लक्ष्मी भंडार' योजना की राशि बढ़ाने और गिग वर्कर्स के लिए नए पोर्टल की घोषणा की गई है.

(Photo Credits ANI)

कोलकाता, 5 फरवरी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए 4.06 लाख करोड़ रुपये के अंतरिम बजट को जनता की उम्मीदों का प्रतिबिंब बताया है. बजट पेश होने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बंगाल कई योजनाओं में देश में नंबर वन है, लेकिन केंद्र जानबूझकर फंड रोककर विकास में बाधा डाल रहा है.

केंद्र पर फंड रोकने का आरोप और विकास का दावा

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़े शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार ने 100 दिन रोजगार योजना और आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए फंडिंग रोक दी है. उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद राज्य सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे नहीं हटी है. मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने यह बजट चुनावों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि जनता के लिए पेश किया है. हमने अपना वादा निभाया है." यह भी पढ़े: West Bengal Budget 2026: पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने पेश किया 4.06 लाख करोड़ का अंतरिम बजट, जन-कल्याणकारी योजनाओं पर रहा जोर

'लक्ष्मी भंडार' योजना में 500 रुपये की बढ़ोतरी

बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक 'लक्ष्मी भंडार' (Lakshmir Bhandar) योजना की राशि में वृद्धि करना है.

गिग वर्कर्स के लिए नया पोर्टल और सामाजिक सुरक्षा

असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गिग वर्कर्स (डिलीवरी बॉय, राइड-शेयरिंग ड्राइवर्स आदि) के लिए एक विशेष पोर्टल बनाया जाएगा.

युवाओं और कर्मचारियों के लिए अन्य घोषणाएं

बजट में बेरोजगार युवाओं के लिए 'युवा साथी' योजना की घोषणा की गई है, जिसके तहत 21-40 वर्ष की आयु के युवाओं को 1,500 रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा. इसके अलावा, सरकारी कर्मचारियों के लिए 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने और आशा (ASHA) व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1,000 रुपये की वृद्धि का प्रस्ताव भी रखा गया है.

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपनी सीमित आर्थिक स्थिति के बावजूद जन-कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देती रहेगी और केंद्र के सौतेले व्यवहार का मुकाबला अपने दम पर करेगी.

Share Now

\