Vijayawada Court News: विजयवाड़ा में बड़ा हादसा टला, बिजली गुल होने से कोर्ट की लिफ्ट में 40 मिनट तक फंसे 6 वकील; कड़ी मशक्कत के बाद सभी रेस्क्यू; VIDEO
विजयवाड़ा के सिटी सिविल कोर्ट में गुरुवार को बिजली गुल होने से एक बड़ा हादसा होते-होते बचा. कोर्ट परिसर की लिफ्ट सातवीं और आठवीं मंजिल के बीच फंस गई, जिसमें एक गर्भवती महिला वकील सहित छह लोग करीब 40 मिनट तक फंसे रहे.
Vijayawada Court News: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित सिटी सिविल कोर्ट परिसर में गुरुवार को एक तकनीकी खराबी और बिजली कटौती के कारण गंभीर स्थिति पैदा हो गई. कोर्ट की एक लिफ्ट सातवीं और आठवीं मंजिल के बीच अचानक रुक गई, जिसमें एक गर्भवती महिला वकील और पांच अन्य अधिवक्ता सवार थे. लगभग 40 मिनट तक वेंटिलेशन की कमी और भीषण गर्मी के बीच फंसे रहने के बाद, बचाव दल ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला.
बिजली कटौती और तकनीकी खराबी बनी कारण
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना गुरुवार दोपहर उस समय हुई जब कोर्ट परिसर में ट्रांसफार्मर का काम चल रहा था. बिजली गुल होने के कारण लिफ्ट बीच रास्ते में ही अटक गई. बैकअप सिस्टम के काम न करने की वजह से लिफ्ट के भीतर अंधेरा छा गया और वेंटिलेशन बंद हो गया. लिफ्ट के भीतर जगह कम होने और बढ़ती गर्मी के कारण फंसे हुए लोगों में घबराहट (Anxiety) फैल गई, विशेषकर गर्भवती महिला वकील की स्थिति को लेकर अन्य साथी काफी चिंतित थे. यह भी पढ़े: Byculla Lift Collapse Video: मुंबई के भायखला में बड़ा हादसा, केबल टूटने से इमारत की चौथी मंजिल से लिफ्ट गिरी, 5 लोग जख्मी
विजयवाड़ा में बड़ा हादसा टला
साथियों की तत्परता और रेस्क्यू ऑपरेशन
लिफ्ट फंसने की जानकारी मिलते ही कोर्ट में मौजूद अन्य वकीलों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचित किया. मौके पर पहुंचे आपातकालीन बचाव दल ने पाया कि लिफ्ट को सामान्य तरीके से खोलना संभव नहीं था. इसके बाद टीम ने मैनुअल ऑपरेशन के जरिए लिफ्ट के पैनल को खोला. करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद सभी छह अधिवक्ताओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. राहत की बात यह रही कि किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई, हालांकि सभी लोग काफी सदमे में थे.
रखरखाव को लेकर वकीलों में रोष
इस घटना ने कोर्ट परिसर में बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव (Maintenance) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वकीलों के समूह ने आरोप लगाया कि कोर्ट परिसर की कई लिफ्ट काफी समय से खराब पड़ी हैं और बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है. नाराज अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर में सुरक्षा मानकों की जांच और सभी लिफ्टों की तत्काल मरम्मत की मांग की है.
भविष्य के लिए सुरक्षा ऑडिट की मांग
स्थानीय बार एसोसिएशन के सदस्यों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कोर्ट की इमारतों का सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) किया जाना चाहिए. वकीलों का कहना है कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग कोर्ट आते हैं, ऐसे में लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधा का फेल होना जानलेवा साबित हो सकता है. अधिकारियों ने मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है.