VIDEO: यूपी के हेड कांस्टेबल अश्विनी मलिक का सराहनीय कदम, सोशल मीडिया पोस्ट ने 77 वर्षीय मां को 10 साल बाद लापता बेटे से मिलवाया
(Photo Credits Twitter)

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में तैनात हेड कांस्टेबल अश्विनी मलिक (Ashwani Malik) ने एक बार फिर सोशल मीडिया की मदद से एक परिवार को बिखरी खुशियां लौटा दीं. उनके एक इंस्टाग्राम वीडियो ने 77 वर्षीय बुजुर्ग मां रसुमा बानो को उनके 10 साल से लापता इकलौते बेटे सलीम से मिलवा दिया. मां और बेटे का मिलन लोगों को भावुक कर गया. आइए, जानते हैं इस पूरी कहानी को विस्तार से.

वीडियो का जादू

अश्विनी मलिक, जो अमरोहा पुलिस कार्यालय की आरआईटी सेल में तैनात हैं, सोशल मीडिया पर एक प्रमुख इंफ्लुएंसर के रूप में जाने जाते हैं. उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगभग 45 लाख फॉलोअर्स हैं. वे अक्सर सामाजिक मुद्दों, मददगार कार्यों और जागरूकता फैलाने वाले वीडियो शेयर करते रहते हैं. यह भी पढ़े: Punjab Floods: गायक दिलजीत दोसांझ का सराहनीय कदम, बाढ़ प्रभावित पंजाब के 10 गांवों को लिया गोद; संजय दत्त समेत अन्य हस्तियों ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद इंस्टाग्राम पर शेयर किया

23 अगस्त 2025 को ड्यूटी से लौटते समय उन्होंने सड़क किनारे एक असहाय, दुबले-पतले व्यक्ति को लावारिस हालत में बैठे देखा. वह व्यक्ति चुपचाप चारपाई पर पड़ा था, और उसके चेहरे पर उदासी साफ झलक रही थी. मलिक ने तुरंत उस व्यक्ति की मदद की और एक वीडियो रिकॉर्ड किया। 3 सितंबर 2025 को उन्होंने यह वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया, जिसमें व्यक्ति की पहचान के लिए अपील की गई थी.वीडियो में व्यक्ति को सलीम के रूप में पहचाना गया, जो देवरिया जिले के हरैया गांव का रहने वाला था. सलीम के पिता शफीउद्दीन का नाम लिया गया, और परिवार की तलाश की अपील की गई.

मुंबई से देवरिया तक: एक संयोग जो चमत्कार बना

यह वीडियो मुंबई में एक व्यक्ति के पास पहुंचा, जो सोशल मीडिया पर स्क्रॉल कर रहा था. वीडियो देखते ही उसे लगा कि चारपाई पर बैठा वह दुबला व्यक्ति कोई अजनबी नहीं है. आंखों में एक हल्की-सी चमक ने उसे झकझोर दिया. अगले ही मिनट में उसने अपने परिवार से फोन पर संपर्क किया. परिवार को यकीन हो गया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वही सलीम है, जो 10 साल पहले लापता हो गया था.

10 साल बाद बेटे को मिलने पर 77 वर्षीय मां रो पड़ी

सलीम के परिवार में 77 वर्षीय मां रसुमा बानो इकलौती संतान के बिना जी रही थीं.  वे आंखों से बेटे को देखने की आखिरी उम्मीद भी खो चुकी थीं.  उसी शाम वीडियो कॉल के जरिए पुष्टि हुई.  जब रसुमा बानो ने स्क्रीन पर बेटे को देखा, तो उनकी आंखों से आंसू बह निकले.  10 साल की जुदाई के बाद यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था.

परिवार का अमरोहा पुलिस से संपर्क

परिवार ने तुरंत अमरोहा पुलिस से संपर्क किया. एसपी अमित कुमार आनंद की मौजूदगी में सलीम के परिजन अमरोहा पहुंचे. एसपी की मौजूदगी में सलीम को उसकी मां के हवाले किया गया. रसुमा बानो बेटे को गले लगाकर फूट-फूटकर रो पाईं. उन्होंने कहा, "मैंने सोचा भी नहीं था कि मेरा बेटा जिंदा है.  यह खुशी किसी सपने से ज्यादा है.  सलीम, जो मानसिक रूप से कमजोर हो चुके थे, मां की गोद में शांत हो गए.  वहीं सलीम के खोने के दस साल बाद मिलने पर  परिवार ने अश्विनी मलिक और एसपी का हार्दिक धन्यवाद किया.

पुलिसकर्मी' का पांचवां कमाल

यह अश्विनी मलिक का पांचवां ऐसा मामला है, जहां उनके सोशल मीडिया पोस्ट ने लापता लोगों को उनके परिवार से जोड़ा। इससे पहले चार मामलों में भी उन्होंने इसी तरह मदद की, जो पुलिस की जनसेवा का प्रतीक बने। मलिक कहते हैं, "सोशल मीडिया का सही उपयोग से लाखों लोगों तक आवाज पहुंच सकती है। मैं बस इतना चाहता हूं कि कोई परिवार बिखरा न रहे।" एसपी अमित कुमार आनंद ने भी इसे पुलिस की संवेदनशीलता का उदाहरण बताया।