Video: यूपी के मुजफ्फरनगर में कबूतरों के पंजों में लाइट बांधकर उड़ाया, ड्रोन समझ पुलिस हुई परेशान, दो गिरफ्तार
दोनों आरोपी शोएब और साकिब (Photo: X|@hindipatrakar)

मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक अजीबोगरीब साजिश का पर्दाफाश हुआ है. जिले की काकरौली थाना पुलिस ने मंगलवार रात दो युवकों को गिरफ्तार किया, जो स्थानीय लोगों में दहशत फैलाने के लिए कबूतरों का इस्तेमाल कर रहे थे. शोएब और शकीब नाम के दो आरोपी कबूतरों के पैरों और गर्दन में एलईडी लाइट बांधकर उन्हें अंधेरे में उड़ाते थे ताकि लोग आसमान में चमकती रोशनी को ड्रोन समझकर डर जाएं. हाल ही में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में यह अफवाह फैली थी कि रात में आसमान में लाल और हरी रोशनी वाले कुछ रहस्यमयी ड्रोन उड़ते दिखाई दे रहे हैं. इससे कई गांवों में लोग दहशत में जी रहे थे और सुरक्षा के लिए रात में चौकीदार भी तैनात किए जा रहे थे. यह भी पढ़ें: दिल्ली में बाल-बाल बची महिला; टैगोर गार्डन में चलती स्कूटी पर गिरा बिजली का खंभा, हादसे का Video हुआ वायरल

पुलिस जांच के बाद सच्चाई सामने आई

कल रात काकड़वाली पुलिस को सूचना मिली कि आसमान में लाल-हरी बत्तियां चमकती दिखाई दे रही हैं. पुलिस ने तुरंत तत्परता दिखाई और मौके पर पहुंचकर चमकती बत्तियों का पीछा किया. बत्तियां खेतों और जंगल की ओर जाती दिखाई दीं, जिसके बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला कि बत्तियाँ किसी ड्रोन से नहीं, बल्कि कबूतर से आ रही थीं. पुलिस ने मौके से दो कबूतर पकड़े, जिनके पैरों और गर्दन में एलईडी लाइटें बंधी हुई थीं. पूछताछ में पता चला कि आरोपी शोएब और शाकिब जानबूझकर ये कबूतर उड़ाते थे ताकि लोग भ्रमित होकर इन्हें ड्रोन समझ लें और इलाके में दहशत फैल जाए.

पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह साजिश जानबूझकर रची थी और इसके लिए जरूरी उपकरण दिल्ली से लाए थे.

यूपी के मुजफ्फरनगर में कबूतरों के पंजों में लाइट बांधकर उड़ाया

एसएसपी मुज़फ़्फ़रनगर संजय कुमार वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस की तत्परता से एक बड़ी साजिश नाकाम कर दी गई है. उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल अफवाह फैलाने की कोशिश थी, बल्कि समाज में भय और अस्थिरता फैलाने की भी कोशिश थी. पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो कबूतर, लाल और हरी लाइट्स और एक पिंजरा बरामद किया है. आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है.