Indians in the Ukraine War: उत्तराखंड के एक भारतीय छात्र को जबरन रूस-यूक्रेन युद्ध (Russo-Ukrainian War) में घसीटे जाने का मामला सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उधम सिंह नगर (Udham Singh Nagar News) निवासी 30 वर्षीय राकेश मौर्य 5 अगस्त को स्टडी वीजा (Russia Study Visa) पर रूस गए थे. उनका एकमात्र उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त करना था, लेकिन रूस पहुंचकर उनका सपना एक बुरे पल में बदल गया. उनके परिवार का दावा है कि राकेश को जबरन सैन्य वर्दी पहनाई गई, हथियार दिए गए और प्रशिक्षण के नाम पर डोनबास क्षेत्र (Donbas ईegion) में लड़ने के लिए भेज दिया गया.
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स्टडी वीजा पर रूस गए भारतीय छात्र को युद्ध में झोंका
राकेश कुमार रूस गया था.. पढ़ने के लिए.. और रूसी मिलिट्री के अफसरों ने उसे भेज दिया यूक्रेन से युद्ध लड़ने..
उत्तराखंड के उधमसिंहनगर की सितारगंज तहसील के शक्ति फार्म कुशमोठ गांव का रहने वाला राकेश 7 अगस्त को स्टडी वीजा पर रूस गया था. सेंट पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी में पढ़ने.. 10 दिन… pic.twitter.com/t3hUa4weMI
— Vivek K. Tripathi (@meevkt) September 21, 2025
30 अगस्त को हुई थी आखिरी बार बात
परिवार के सदस्यों का कहना है कि राकेश से उनकी आखिरी बार 30 अगस्त को बात हुई थी, जहां उन्होंने अपनी पूरी कहानी सुनाई थी. उसके बाद से, परिवार का उनसे संपर्क टूट गया है. उनके भाई ने भारतीय दूतावास (Indian Embassy) और विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) से मदद की गुहार लगाई है. स्थानीय प्रशासन को भी सूचित कर दिया गया है.
पंजाब के मोगा के बाद दूसरा मामला
परिवार बेहद चिंतित है और सरकार से राकेश की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है. पंजाब के मोगा के बाद, यह दूसरा मामला है जहां भारतीय छात्रों को पढ़ाई के बहाने रूस भेजा गया और फिर युद्ध में धकेला गया.












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