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Uttar Pradesh: फिर एक बार उम्मीदवार बदलने के लिए मजबूर हुई BJP, इस बार भी सेंगर है वजह

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को तीन महीने में दूसरी बार पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशी बदलने पर मजबूर होना पड़ा है, क्योंकि वे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के रिश्तेदार को दुष्कर्म का दोषी ठहराया गया है.

Uttar Pradesh: फिर एक बार उम्मीदवार बदलने के लिए मजबूर हुई BJP, इस बार भी सेंगर है वजह
बीजेपी (Photo Credits: PTI)

लखनऊ, 25 जून : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भारतीय जनता पार्टी को तीन महीने में दूसरी बार पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशी बदलने पर मजबूर होना पड़ा है, क्योंकि वे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के रिश्तेदार को दुष्कर्म का दोषी ठहराया गया है. भाजपा ने उन्नाव में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अरुण सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन दुष्कर्म पीड़िता ने इस संबंध में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस फैसले के खिलाफ अपील की. अपनी अपील में, दुष्कर्म पीड़िता ने कहा कि अरुण सिंह 28 जुलाई, 2019 को उसकी कार से हुई दुर्घटना के संबंध में दर्ज मामले में सह-आरोपियों में से एक है, जिसमें उसकी दो मौसी की मौत हो गई थी, जबकि वह और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

अरुण सिंह ने दावा किया कि हालांकि शुरूआत में उनका नाम इस मामले में था लेकिन सीबीआई ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी. उन्होंने कहा, "मेरे प्रतिद्वंद्वियों के इशारे पर मुझ पर आरोप लगाए जा रहे हैं." पार्टी ने शकुन सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. शकुन पूर्व एमएलसी अजीत सिंह की पत्नी हैं, जिनकी 2005 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सिंह राज्य के जाने-माने माफिया डॉन थे. उन्नाव जिलाध्यक्ष राज किशोर रावत ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने उन्हें प्रत्याशी बदलने का निर्देश दिया था. इससे पहले, अप्रैल में, भाजपा ने कुलदीप सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर को जिला पंचायत वार्ड सदस्य के लिए पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामित किया था, लेकिन उनकी उम्मीदवारी के खिलाफ इसी तरह के हंगामे हुए थे. यह भी पढ़ें : Delhi: ऑनर किलिंग के संदिग्ध मामले में शख्स की गोली मारकर हत्या, पत्नी घायल

उन्नाव की बांगरमऊ सीट से बीजेपी के पूर्व विधायक सेंगर पर 2017 में पीड़िता ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था. दिल्ली की एक अदालत ने दिसंबर 2019 में सेंगर को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी. मार्च 2020 में, एक विशेष अदालत ने सेंगर, उनके भाई अतुल सिंह और पांच अन्य को 2018 में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत से जुड़े दो मामलों में 10 साल की कैद की सजा सुनाई. निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद कुलदीप सेंगर को भाजपा से निष्कासित कर दिया गया और राज्य विधानसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया. जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव 3 जुलाई को होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 25, 2021 01:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).