यूपी: बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, स्कूल को भेजा 618.5 करोड़ रुपये का बिल
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. जहां बिजली विभाग एक प्राइवेट स्कूल का बिल कुछ हजार नहीं बल्कि 6 अरब 18 करोड़ 51 लाख का बिल भेज दिया गया है
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi) में बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. जहां एक प्राइवेट स्कूल (School) को 6 अरब 18 करोड़ 51 लाख का बिल भेज दिया गया है. जिस बिल को मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन विभाग से संपर्क किया और जानने की कोशिश किया कि एक साथ स्कूल का बिजली बिल इतना कैसे भेज दिया गया. जबकि स्कूल ने इतना बिजली इस्तेमाल ही नहीं किया. लेकिन बिजली विभाग की तरफ से किसी तरफ से कोई सही जवाब नहीं मिल रहा है. ऐसे में स्कूल विभाग बिजली का कनेक्शन काटे जाने को लेकर परेशान हैं. क्योंकि बिल भरने का आखरी तारीख सात सितंबर को दिया गया है.
खबरों के अनुसार यह मामला वाराणसी के विनायका इलाके में स्तिथ एक प्राइवेट स्कूल का है. जहां इस बिल को आने के बाद स्कूल के आर्डिनेटर योगेंद्र मिश्रा ने मीडिया के बातचीत में बताया कि उन्होंने अभी पिछले ही महीने बिल भरा है. ऐसे में स्कूल प्रबंधन समझ नहीं पा रहा है कि एक साथ इतना बिल कैसे भेज दिया गया. योगेंद्र मिश्रा की माने तो स्कूल प्रबंधन ने बिजली विभाग से सम्पर्क किया तो वे बिल कम करने को राजी नहीं हो रहे हैं सिर्फ सॉफ्टवेयर गड़बड़ी हुई है यह बात कहकर वापस लौटा दे रहे हैं. सिर्फ उनकी तरफ से आश्वासन दिया जा रहा है कि बिल कम हो जाएगा. यह भी पढ़े: यूपी: बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, बुजुर्ग को भेजा 1 अरब 28 करोड़ 45 लाख 95 हजार का बिल, उपभोक्ता के उड़े होश
बता दें कि उत्तर प्रदेश में एक साथ बिजली का बिल करोड़ों में भेजने का लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है. अभी कुछ ही महीने पहले की बात है लखनऊ के हापुड़ में रहने वाले शमीम नाम के एक बुजुर्ग के घर का बिल 1 अरब 28 करोड़ 45 लाख 95 हजार 444 रुपया भेज दिया गया था. जिसके बाद बुजुर्ग के घर के बिजली का कनेक्शन काट दिया गया है. जो बाद में काफी दौड़ भाग के बाद बुजुर्ग के घर के बिजली का कनेक्शन फिर से जोड़ा गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 05, 2019 04:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

