अयोध्या राम मंदिर विवाद पर यूपी के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री का बयान, कहा- भगवान राम से है भारत की पहचान
यूपी के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण ने रविवार को कहा कि भारत की पहचान भगवान राम से है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव आयोजित किए जाने के पीछे हमारा मकसद दुनिया को यह बताना है कि उसे उन भगवान राम के जीवन से सबक लेना चाहिए, जिन्होंने हिंदुस्तान को विश्व गुरु बनाया.
लखनऊ: देश में अयोध्या राम मंदिर के निर्माण को लेकर लगातार सियासत जारी है. बीजेपी औरआरएसएस लगातार राम मंदिर निर्माण का समर्थन कर ही है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने भी आयोध्या विवाद पर अपना बयान दिया है. दरअसल, यूपी के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण ने रविवार को कहा कि भारत की पहचान भगवान राम से है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव आयोजित किए जाने के पीछे हमारा मकसद दुनिया को यह बताना है कि हम सभी को उन भगवान राम के जीवन से सबक लेना चाहिए, जिन्होंने हिंदुस्तान को विश्व गुरु बनाया.
चौधरी ने 'पीटीआई-भाषा' से साक्षात्कार में कहा कि भगवान राम एक ऐसी शख्सियत हैं, जिनकी एक पुत्र या एक योद्धा के रूप में किसी से तुलना नहीं की जा सकती. अयोध्या में दीपोत्सव के जरिए दुनिया को यह बताने की कोशिश की जाएगी कि यह भगवान राम ही है, जिनकी वजह से भारत विश्व गुरु बना.
उन्होंने आरोप लगाया कि मुगल शासनकाल और अंग्रेजों के राज में तथा उसके बाद आजादी के कई दशकों बाद तक अयोध्या नगरी के कल्याण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद ही अयोध्या की भव्यता और सुंदरता पर ध्यान दिया गया. पिछले 100 वर्षों के दौरान अयोध्या के लिए कोई काम नहीं किया गया और उसे उसके हाल पर छोड़ दिया गया. यह भी पढ़ें: सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, कहा- दिवाली पर राम के नाम का जलाएं दीया, जल्दी ही शुरू होगा काम
अयोध्या में आगामी छह नवंबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताते हुए चौधरी ने कहा कि इस साल दीपोत्सव के तहत सरयू नदी के किनारों पर करीब तीन लाख दिए जलाए जाएंगे. इसके अलावा लेजर शो भी आयोजित होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2018 07:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

