उत्तर प्रदेश में कोरोना के 1884 एक्टिव मरीज, इलाज के बाद अब तक 1504 लोग हुए ठीक
उत्तर प्रदेश में फिलहाल कोरोना वायरस के 1884 एक्टिव केस हैं. इन सभी का राज्य के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
देश में कोरोना (Coronavirus) मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर कोरोना से निपटने की तैयारी में जुटी है. इस बीच उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया, उत्तर प्रदेश में फिलहाल कोरोना वायरस के 1884 एक्टिव केस हैं. इन सभी का राज्य के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. राज्य के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि अभी तक 1504 COVID-19 पॉजिटिव मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है.
प्रमुख स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि शनिवार को 4861 कोरोना सैंपल की जांच हुई. वहीं 273 पूल टेस्ट भी किए गए हैं. उन्होंने कहा कि आइसोलेशन वार्ड में फिलहाल 1953 लोग रखे गए हैं. वहीं फैसिलिटी क्वारंटाइन सेंटर में राज्य में 9003 लोग रह रहे हैं. अपने राज्य की स्थिति देखने के लिए यहां क्लिक करें.
यूपी में कोरोना के 1884 एक्टिव केस-
1884 active cases of #COVID19 are at present in Uttar Pradesh. The total number of people who have been cured and discharged are 1504: Principal Secretary (Health) Amit Mohan Prasad pic.twitter.com/aPAuzInjGH
— ANI UP (@ANINewsUP) May 10, 2020
स्वास्थ्य सचिव ने बताया, COVID अस्पतालों के सहयोग के लिए हर क्षेत्र में एक मंटोर इस्टीट्यूशन बनाया गया है, अगर इन अस्पतालों में किसी मरीज के इलाज में कोई समस्या आती है तो इन मेंटॉर इंस्टीट्यूशन से सलाह ली जा सकती है.
अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर COVID-19 मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों के लिए एक मेंटॉर संस्थान बनाया गया है. इस व्यवस्था को इलेक्ट्रॉनिक कोविड केयर सपोर्ट नेटवर्क (ईसीसीएस) नाम दिया गया है. उन्होंने कहा कि अगर इलाज के दौरान डॉक्टरों को किसी प्रकार की परेशानी आती है तो इस नेटवर्क के जरिए सहायता मिल जाएगी.
उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी के मंडल में जो अस्पताल हैं वे मेडिकल कॉलेज मेरठ से संपर्क कर सकते हैं, मध्य क्षेत्र में कोविड अस्पताल सलाह के लिए मेडिकल कॉलेज कानपुर से सलाह ले सकते हैं, इसी प्रकार पूर्वी यूपी के डॉक्टर प्रयागराज मेडिकल कॉलेज की टीम से सलाह ले सकते हैं. वहीं पूर्वांचल के लिए प्रयागराज मेडिकल कॉलेज में यह व्यवस्था बनाई गई है. प्रयागराज से काम नहीं हो पाने की स्थिति में बीएचयू की स्पेशलाइज टीम से संपर्क कर सकते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2020 05:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

