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VIDEO: संभल में 46 साल बाद प्राचीन मंदिर खोला गया, कुएं की खुदाई में मिलीं तीन खंडित मूर्तियां, प्रशासन जांच के लिए पुरातत्व विभाग को भेजेगा

यूपी के संभल में 1978 के सांप्रदायिक दंगों के बाद बंद रखे गए एक मंदिर को प्रशासन ने पुनः लोगों के पूजा-पाठ के लिए खोल दिया. वहीं सोमवार को मंदिर के पास एक एक कुएं की खुदाई की गई. जिस कुएं से खंडित तीन मूर्तियाँ बरामद की गई.

VIDEO: संभल में 46 साल बाद प्राचीन मंदिर खोला गया, कुएं की खुदाई में मिलीं तीन खंडित मूर्तियां, प्रशासन जांच के लिए पुरातत्व विभाग को भेजेगा
(Photo Credits ANI)

यूपी के संभल में 1978 के सांप्रदायिक दंगों के बाद बंद रखे गए एक मंदिर को प्रशासन ने  पुनः लोगों के पूजा-पाठ के लिए खोल दिया.  मंदिर के बंद होने के बाद से आसपास के लोग यहां पूजा नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब प्रशासन ने इस मंदिर को फिर से खोलने का फैसला किया. मंदिर को फिर से खोलने के बाद प्रशासन ने पास स्थित एक कुएं की खुदाई करवाई, जिसमें तीन खंडित मूर्तियां प्राप्त हुईं. ये मूर्तियां प्राचीन और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं. इस घटना के बाद से इलाके में लोगों का उत्साह बढ़ गया है और बड़ी संख्या में लोग मूर्तियों को देखने के लिए मंदिर के पास एकत्रित हो रहे हैं.

मामले में प्रशासन ने कहा कि  पुरातत्व विभाग को सूचित कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. कुएं की खुदाई के बाद वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रशासन अपने हाथों में खंडित तीन मूर्तियों को लिया है. जिन मूर्तियों को जांच के लिए पुरातत्व विभाग को सौंपेंगा. यह भी पढ़े: Sambhal Temple News: यूपी के संभल में 46 साल बाद खुले मंदिर में शुरू हुई पूजा, नाम पड़ा “प्राचीन संभलेश्वर महादेव”; डीएम ने कार्बन डेटिंग के लिए ASI को लिखी चिट्ठी (Watch Video)

मंदिर से मिली तीन खंडित मूर्तियाँ:

मंदिर खग्गू दीपा सराय इलाके में स्थित है:

यह मंदिर मंदिर खग्गू दीपा सराय इलाके में स्थित है. जिसे 46 साल बाद फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. 1978 से बंद इस मंदिर को खोलने के बाद इसका नाम "प्राचीन संभलेश्वर महादेव" रखा गया. मंदिर खोलने जाने के बाद पहले प्रशासन ने परिसर की सफाई कराई. जिसके बाद मंदिर में पूजा शुरू हुई.

जानें सीएम  योगी ने क्या कहा:

वहीं इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि संभल में पुनः खोला गया मंदिर हमारी ‘‘चिरस्थायी विरासत और इतिहास की सच्चाई’’ का प्रतीक है, यह रातोंरात प्रकट नहीं हुआ है. मुख्यमंत्री ने कहा कि  46 साल पहले संभल में हुई दुखद घटनाओं का जिक्र किया, जहां निर्दोष लोग बर्बर हिंसा का शिकार हुए थे. उन्होंने सवाल उठाया, ‘‘नरसंहार के अपराधियों को दशकों बाद भी अदालत में क्यों नहीं लाया गया?’’

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 16, 2024 12:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).